सुरेंद्र ठाकुर को कामगार बोर्ड की कमान देने में सियासी पेच
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कर्मचारी नेता सुरेंद्र ठाकुर को हिमाचल प्रदेश कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद की कमान देने में सियासी पेच फंस गया है। सूत्रों ने बताया कि ठाकुर को अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय ने ज्वाइनिंग करने को हरी झंडी नहीं दी है। उनकी इस ताजपोशी से कुछ नेता परेशान माने जा रहे हैं।
इन्हीं नेताओं ने दबाव बनाकर सुरेंद्र ठाकुर की नियुक्ति का मामला फंसा दिया है। सरकार ने सुरेंद्र ठाकुर की नियुक्ति की अधिसूचना दो महीने पहले जारी कर दी थी। सरकार ने 14 मई 2018 को हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार बोर्ड का पुनर्गठन किया।
इसमें भारतीय मजदूर संघ की तरफ से नाम भेजे जाने के बाद सुरेंद्र सिंह ठाकुर को बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। सुरेंद्र ठाकुर कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।
वह पहले भारतीय मजदूर संघ में सदस्यों की रेटिंग में भी अव्वल रह चुके हैं। यह रेटिंग भारत सरकार का श्रम मंत्रालय और हिमाचल सरकार का श्रम विभाग संयुक्त रूप से करते आए हैं। वह अर्की से भाजपा टिकट के दावेदार रह चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि सुरेंद्र का विधानसभा की राजनीति में सक्रिय होना भी प्रदेश के कुछ राजनेताओं को रास नहीं आ रहा है। इसीलिए वह मुख्यमंत्री कार्यालय से यह दबाव बनाने में कामयाब हो गए कि सुरेंद्र ठाकुर अधिसूचना के दो महीने के बाद भी इस कार्यभार को नहीं संभाल पाए हैं।
उधर, सुरेंद्र ठाकुर ने माना कि अभी उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं दी है। कुछ पेच हैं, जिसके हटने के बाद वह जल्द कार्यभार संभाल सकते हैं।