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क्रेट में सेब बेचने की घोषणा पर बागवान संघों ने उठाए सवाल
Sun, 13 Jun 2021 10:26 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 13 Jun 2021 10:26 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत सेहटा का कहना है कि सरकार का यह फैसला बागवानों के हित में है लेकिन करोड़ों की संख्या में क्रेट कहां से आएगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सेब सीजन में प्रदेश की 5 मंडियों में क्रेट में सेब बेचने की घोषणा को प्रदेश के बागवान संघों ने यूनिवर्सल कार्टन की तरह शगूफा करार दिया है। सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए बागवान संघों ने उन्हें विश्वास में लिए बिना यह निर्णय लेने का आरोप लगाया है। हिमाचल प्रदेश प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट का कहना है कि सरकार की सोच अच्छी है लेकिन बिना तैयारियों के इसे लागू कर पाना संभव नहीं दिखता।
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इस घोषणा से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है, यूनिवर्सल कार्टन की तर्ज पर यह भी शगूफा साबित हो सकता है। हिमाचल प्रदेश यंग एंड यूनाइटेड ग्रोवर्स एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत सेहटा का कहना है कि सरकार का यह फैसला बागवानों के हित में है लेकिन करोड़ों की संख्या में क्रेट कहां से आएगा। हिमाचल एप्पल ग्रोवर सोसाइटी के महासचिव राजेश धांटा का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले आधारभूत ढांचा तैयार करना जरूरी है।
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सरकार ने इस फैसले को लेकर बागवान संघों को कोई जानकारी नहीं दी। क्रेट की व्यवस्था कैसे होगी पता नहीं है। हिमाचल प्रदेश किसान संघर्ष समिति के महासचिव संजय चौहान का कहना है कि सरकार कार्टन कंपनियों और आढ़तियों के दबाव में काम कर रही है। सरकार की मंशा हो तो क्रेट में सेब बेचने की व्यवस्था लागू हो सकती है, जिससे पर्यावरण भी बचेगा और बागवानों को भी लाभ होगा। सरकार को तुरंत संबंधित लोगों के साथ बैठक कर इस निर्णय को लागू करने की व्यवस्था बनानी चाहिए।
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