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एनजीटी के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करेगी सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 03 Feb 2018 11:51 AM IST
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शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के प्रतिबंध को लेकर प्रदेश सरकार एनजीटी में पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के बजाय सरकार इस मामले को फिर से ग्रीन ट्रिब्यूनल में उठाएगी।
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सरकार ने इसके लिए विधि विभाग और वकीलों से सलाह ली है। सरकार की जाठिया देवी में सेटेलाइट टाउन विकसित करने की योजना एनजीटी के फैसले से खटाई में पड़ गई है। यहां लोगों को चार मंजिला निर्माण की अनुमति के साथ फ्लैट दिए जाने थे, जबकि एनजीटी ने ढाई मंजिल तक की सीमा तय कर पूरे प्रोजेक्ट पर ब्रेक लगा दी है।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (शहरी) तरुण कपूर का कहना है कि एनजीटी के फैसले में कुछ बातें ऐसी भी हैं, जिससे इस फैसले को चुनौती दी जा रही है। हिमाचल में चार मंजिला भवन बनाने की अनुमति दी जा रही थी।
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ग्रीन एरिया में सरकार पहले ही भवन बनाने की अनुमति नहीं दे रही है, जबकि कोर और प्रतिबंधित एरिया में तीन मंजिला भवन बनाने की इजाजत थी, लेकिन अब एनजीटी ने शिमला प्लानिंग एरिया में ढाई मंजिला तक ही भवन बनाने के आदेश पारित किए हैं। हिमुडा ने बीते वर्ष जाठिया देवी में कॉलोनियां बनाने के लिए 300 बीघा जमीन खरीदी थी।
फैसला पक्ष में न आया तो दोगुने दाम पर मिलेंगे फ्लैट
सरकार का मानना है कि अगर एनजीटी से फैसला सरकार के पक्ष में नहीं आता है तो जाठिया देवी में फ्लैट की कीमत दोगुनी हो जाएगी। खरीदारों के अलावा हिमाचल और सिंगापुर सरकार को भी घाटा होगा।