इस बार ऐतिहासिक रहेगा तपोवन में विधानसभा का शीतकालीन सत्र
जयराम सरकार का दूसरा शीत सत्र इस बार ऐतिहासिक होगा। तपोवन विधानसभा में पहली बार अहम बिलों, विधेयकों और अधिनियमों में संशोधन करने के प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी। शीत सत्र की यह कार्यवाही आने वाले समय में प्रदेश की दिशा व दशा तय करेंगे। तपोवन विधानसभा में पहली कोई सरकार ऐसे बिल ला रही है। अभी तक शिमला विधानसभा में होने वाले सत्रों में ही ज्यादा बिलों व विधेयकों को मंजूरी मिलती रही है।
नशे के खिलाफ बनेगा कड़ा कानून
1. सूबे की युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए जयराम सरकार कड़ा कानून बनाने जा रही है। शीत सत्र में नशे के सख्त कानून को मंजूरी दी जा सकती है। इस कानून में एक ग्राम ड्रग्स रखने वाले को भी जमानत न मिलने का प्रावधान रहेगा।
शिक्षा नीति में होगा बदलाव
2. हिमाचल की शिक्षा नीति में बदलाव लाने के लिए सरकार शीत सत्र में उच्चतर शिक्षा परिषद को मंजूरी देगी। उच्चतर शिक्षा परिषद सूबे के विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम सहित अन्य नीतियों में बदलाव करने का फैसला लेगी।
चिटफंड कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी
3. चिटफंड कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए वित्त विभाग ने खाका तैयार किया है। भारतीय रिजर्व
बैंक के आदेशों के बाद सरकार जमाकर्ताओं के हितों का वित्तीय स्थापनाओं में संरक्षण संशोधन बिल-2016 में बदलाव कर पारित करेगी।
पंचायती राज एक्ट में होगा बदलाव
4. शीत सत्र में पंचायती राज एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव पारित किया जाएगा। एक्ट में बेसहारा पशुओं को छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा पशुपालन विभाग के डॉक्टरों को पशु छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने की शक्ति दी जाएगी।
अवैध निर्माण पर नीति ला सकती है सरकार
5. सूबे में हुए अवैध भवन निर्माण को लेकर भी जयराम सरकार शीत सत्र में ठोस नीति ला सकती है। इसके अलावा अवैध निर्माण कितने प्रतिशत पर वैध किया जाएगा, इस पर भी सरकार प्रस्ताव ला सकती है।
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि तपोवन विधानसभा सत्र में नशे व चिटफंड कंपनियों पर लगाम लाने के लिए सख्त कानूनों को मंजूरी दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन के लिए उच्चतर शिक्षा परिषद के गठन को स्वीकृति दी जाएगी। साथ ही कई अधिनियमों में बदलाव के प्रस्ताव रखे जाएंगे।
आज एक-दूसरे को घेरने की रणनीति बनाएगा सत्तपक्ष और विपक्ष
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र धर्मशाला के तपोवन में सोमवार को दो बजे से शुरू होने जा रहा है। 10 से 15 दिसंबर के बीच छह दिन तक चलने वाले इस सत्र में भाग लेने के लिए सरकारी अमला धर्मशाला रवाना हो चुका है। रविवार शाम को सत्ता पक्ष भाजपा और विपक्ष दोनों ही राजनीतिक दलों के विधायक धर्मशाला में एक-दूसरे को घेरने की रणनीति बनाएंगे। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव की आहट के साथ शीतकालीन सत्र में सदन गरमाहट भरा रह सकता है।
रविवार को शाम सात बजे सत्तारूढ़ भाजपा विधायक दल की बैठक उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला स्थित मिनी सचिवालय में रखी गई है। सदन के नेता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में यह बैठक रविवार शाम को सात बजे बुलाई गई है। इसमें सदन की रणनीति पर चर्चा होगी। विपक्ष के किस वार का कैसे जवाब देना है, इस पर चर्चा होगी। कांग्रेस विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में होटल धौलाधार में होगी। यह भी सात बजे ही होगी। इसमें सरकार को किस मुद्दे पर कैसे घेरना है, ऐसे तमाम पहलुओं पर मंत्रणा होगी। हिमाचल प्रदेश की तेरहवीं विधानसभा का यह चौथा सत्र होगा।
पहले दिन प्रश्नकाल के बाद ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, नियम 130 की चर्चा
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल दो बजे शुरू होगा, जो एक घंटे तक चलेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सप्ताह भर की शासकीय सूची से अवगत करवाएंगे। फिर विधानसभा सचिव की ओर से राज्यपाल से स्वीकृत एक विधेयक और एक अध्यादेश को सदन के पटल पर रखेंगे।
उसके बाद विधायक राकेश जम्वाल की ओर से फोरलेन पर गिर रहे डंगे से हादसों के खतरे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद विधायक राकेश पठानिया और रमेश ध्वाला की ओर से नियम 130 के तहत प्रदेश में घटते जलस्तर पर चर्चा का प्रस्ताव रखा जाएगा।
शीतकालीन सत्र से पहले सीएम से मिले विधानसभा अध्यक्ष
शीतकालीन सत्र से पहले हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से ओकओवर शिमला में मुलाकात की। मुख्यमंत्री से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी। इस मौके पर डॉ. राजीव बिंदल ने अपने विधानसभा क्षेत्र नाहन की विकास योजनाओं पर भी अनौपचारिक चर्चा की।