हिमाचल: 1.07 लाख से अधिक सरकारी पद खाली, सरकार ने हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में दी जानकारी
उच्च हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत एक शपथपत्र के माध्यम से प्रदेश में सरकारी नौकरियों के स्वीकृत पदों, रिक्तियों और आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति का ब्योरा दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश उच्च हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत एक शपथपत्र के माध्यम से प्रदेश में सरकारी नौकरियों के स्वीकृत पदों, रिक्तियों और आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति का ब्योरा दिया गया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल स्वीकृत पदों की तुलना में 1.07 लाख से अधिक पद खाली पड़े हैं। राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे में बताया गया कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत कुल स्वीकृत पदों की संख्या 3,36,542 है। जबकि वर्तमान में भरे गए पदों की संख्या 2,28,891 और कुल रिक्त पद, 1,07,466 और आउटसोर्स के तहत कार्यरत कर्मचारी 14,619 हैं।
2023 से अब तक 22,000 से अधिक भर्तियां हुईं
सरकार ने अदालत को बताया कि 1 जनवरी 2023 के बाद से खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। 10,989 पद भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत भरे गए।12,004 पद लोक सेवा आयोग और हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग) के माध्यम से भरे गए।
आउटसोर्स कर्मचारियों के आंकड़ों पर स्पष्टीकरण
राज्य सरकार ने पूर्व में 15 जून 2026 को दायर किए गए हलफनामे पर स्थिति स्पष्ट की। पहले आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या 26,724 दर्शाई गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि उसमें 12,105 व्यक्ति केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत कार्यरत थे, जिन्हें शामिल करने के कारण वह संख्या अधिक दिख रही थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने इस हलफनामे का अध्ययन करने के लिए समय मांगा है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर दिया।वहीं, राज्य ने भी 5 अगस्त 2026 के आदेश के अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय का अनुरोध किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी।