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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Apple harvest in Himachal is half of last year's; 1.23 crore boxes have reached the markets so far.

उत्पादन में भारी कमी: हिमाचल में पिछले साल से आधा सेब, मंडियों में अब तक 1.23 करोड़ पेटियां पहुंचीं

Sat, 10 Oct 2026 05:30 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 10 Oct 2026 05:30 AM IST
सार

प्रदेश में इस साल प्रदेश की मंडियों में अब तक सेब की एक करोड़ 23 लाख 34 हजार 739 पेटियां पहुंच चुकी हैं। पिछले साल 2.74 करोड़ पेटियों का उत्पादन हुआ था। 

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Apple harvest in Himachal is half of last year's; 1.23 crore boxes have reached the markets so far.
हिमाचल सेब। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में इस साल प्रदेश की मंडियों में अब तक सेब की एक करोड़ 23 लाख 34 हजार 739 पेटियां पहुंच चुकी हैं। पिछले साल 2.74 करोड़ पेटियों का उत्पादन हुआ था। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इस बार उत्पादन कम रहा है। सेब की कम पैदावार के बीच मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत अब तक 13,202.666 मीट्रिक टन सेब की खरीद की गई है। एचपीएमसी और हिमफेड के माध्यम से यह खरीद की गई है। वहीं, प्रदेश सरकार का दावा है कि पूर्व भाजपा सरकार के समय से चली आ रही 114 करोड़ रुपये की देनदारी चुकाने के साथ मौजूदा सरकार अब तक किसानों-बागवानों को 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है।

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एप से पंजीकरण, भुगतान में पारदर्शिता पर जोर
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में कहा कि इस साल सेब उत्पादन प्रभावित होने के पीछे कई कारण रहे। समय पर बारिश नहीं होना, इसके बाद बेमौसमी बारिश, फूल आने के दौरान तापमान में गिरावट और चिलिंग ऑवर्स समेत कई परिस्थितियों ने फसल को प्रभावित किया। बागवानी मंत्री ने बताया कि मंडी मध्यस्थता योजना के तहत दर में एक रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इससे हजारों किसानों-बागवानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बागवानी मंत्री ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के तहत एमआईएस में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब एप के माध्यम से किसानों-बागवानों का पंजीकरण किया जा रहा है। इससे लाभार्थियों की पहचान और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिली है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत वास्तविक लाभार्थियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिससे योजना का लाभ पात्र किसानों-बागवानों तक पहुंच सके।

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छोटे बागवानों को डीबीटी से भुगतान
एमआईएस के तहत 30 बैग से कम सेब वाले 11,285 किसानों-बागवानों और 100 बैग से कम वाले 2,827 किसानों-बागवानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान किया गया है। इसके अलावा 100 से अधिक बैग वाले करीब 7,000 किसानों-बागवानों की पहचान की गई है। उन्होंने बताया कि इन मामलों में से 2,000 का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष 5,000 मामलों में सत्यापन के लिए भूमि रिकॉर्ड से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद पात्रता के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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