मंदिर बंद, मिट्टी के शिवलिंग बनाकरकर किया जलाभिषेक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी के कारण जहां मंदिर बंद हैं, वहीं लोगों ने सावन माह के ज्येष्ठ सोमवार को शिव जलाभिषेक के लिए घरों में ही मिट्टी के शिवलिंग बनाए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान लोगों खासकर महिलाओं व युवतियों ने मिट्टी के इन शिवलिंग पर दूध, जल, बिलपत्र, फूल आदि चढ़ाए। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में जहां मंदिर हैं और उनका संचालन ग्रामीण या आसपास की कमेटी स्वयं करती है, उनमें से कई मंदिर पूजा के लिए खुले रहे। जिले के अन्य भागों में जहां मंदिर नहीं हैं या जलाभिषेक के लिए बड़े मंदिरों में लोग जाते हैं, वहां पर लोगों ने घरों में ही मिट्टी के शिवलिंग बनाए और शिव भगवान की पूजा की।
वहीं ज्येष्ठ सोमवार को लोगों ने पवित्र स्थानों पर स्नान करने जाने से भी परहेज किया। पूर्व के वर्षों में जहां लोग मुख्य मंदिरों में शिव भगवान की प्रतिमा और शिवलिंग पर दूध, बिलपत्र, फूल आदि चढ़ाते थे। वहीं इस वर्ष कोरोना के कारण लोग मुख्य मंदिरों में नहीं आ सके। साथ ही साथ मुख्य पावन स्थलों पर स्नान भी नहीं कर सके। सावन माह में लोग शिव भगवान की पूजा करते हैं और मन्नतें मांगते हैं। इस बार कोरोना ने प्रदेश में मुख्य मंदिरों को बंद ही करवाया है। लोगों ने फिर भी अपनी आस्था को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा अर्चना की।