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नेशनल हाईवे-70 की जद में आने वाली संपत्तियों का आकलन शुरू
Wed, 17 Feb 2021 12:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
प्रवीण कुमार, अमर उजाला नेटवर्क, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 17 Feb 2021 12:24 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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अटारी बॉर्डर से मंडी और मंडी से लेह तक प्रस्तावित एनएच-70 की जद में आने वाली संपत्तियों के आकलन शुरू हो गया है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग के लिए सरकारी और निजी संपत्तियां का अधिग्रहण किया जा रहा है। सभी संपत्तियों की रिपोर्ट तैयार करने के बाद मुआवजा प्रदान करने के लिए संबंधित एसडीएम को आगामी प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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सड़क परिवहन और उच्च मार्ग मंत्रालय भी इस कार्य में तेजी लाने के निर्देश दे चुका है। इसी वर्ष मार्च तक इस एनएच के कार्य का टेंडर हो जाएगा। 265 किमी लंबे एनएच के अंतर्गत 141 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूर्व में हो चुका है। जबकि हमीरपुर के ठाणा दरोगन से मंडी तक बनने वाले 124 किलोमीटर मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य चला हुआ है। एनएचएआई ने अभी तक जो रिपोर्ट तैयार की है, उसके मुताबिक निर्माण कार्य के दौरान 450 भवन और 803 पेड़ों को नुकसान पहुंचेगा।
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भूमि अधिग्रहण के कार्य के लिए तहसील बमसन के दरोगण, ठाणा, दरकोटी, समीरपुर, गुगेहड़ी, संगरोह कलां, टिक्करी, ललयार, पंजोत, सपनेहड़ा, बराड़ा, चाहड़, टप्परे, झनिकर, बारीं, बगबाड़ा और छतरेल क्षेत्र शामिल हैं। यहां 11.3040 हेक्टेयर निजी और 4.4151 हेक्टेयर सरकारी भूमि है। भूमि मालिकों का डाटा तैयार हो चुका है। उनका बैंक खाता, आधार नंबर और पैन की सूचना ली जा रही है।
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एनएच के प्रोजेक्ट डायरेक्टर राकेश मीणा का कहना है कि हमीरपुर से मंडी तक प्रस्तावित एनएच का कुछ कार्य बचा हुआ है। भूमि अधिग्रहण के लिए संबंधित एसडीएम को कहा गया है। एसडीएम की रिपोर्ट आने के बाद ही मुआवजा दिया जाएगा।
एसडीएम भोरंज राकेश शर्मा का कहना है कि कुछ लोगों की आपत्तियां दर्ज हुई हैं, जिनका निपटारा किया जा रहा है। एनएच की जद में आने वाली संपत्तियां का आकलन किया जा रहा है। दो हफ्ते के भीतर यह कार्य पूरा हो जाएगा।