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अनदेखी: पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगाने के लिए नहीं खोले केंद्र, हरित ऊर्जा राज्य की मुहिम को झटका

Mon, 26 Jun 2023 12:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
राकेश राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 26 Jun 2023 12:53 PM IST
सार

प्रदेश में पुराने वाहन मालिक भी सीएनजी किट लगाना चाहते हैं लेकिन आरसी में सीएनजी प्रमाणीकरण न होने के कारण ये प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

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Himachal News: CNG kit installation in old vehicles in Himachal Pradesh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की मुहिम को बड़ा झटका लग रहा है। पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगाने के लिए प्रदेश में केंद्र स्थापित नहीं किए गए हैं। इसके चलते गाड़ियों का प्रमाणीकरण (इंडोर्समेंट) नहीं हो रहा है। हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने में इलेक्ट्रिक के साथ सीएनजी वाहनों का बड़ा योगदान रहेगा, लेकिन पुराने वाहनों में सीएनजी किट फिटमेंट नहीं हो पा रही है। इसका कारण हिमाचल में अधिकृत सीएनजी किट फिटमेंट केंद्र न होने के चलते प्रमाणीकरण न होना है।

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केंद्र स्थापित करने के लिए लंबी और पेचीदा प्रक्रिया भी आड़े आ रही है। इन दिनों प्रदेश में सीएनजी स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। नए सीएनजी युक्त और बाहरी राज्यों के सीएनजी वाहन ही हिमाचल में सीएनजी का लाभ ले पा रहे हैं। प्रदेश में पुराने वाहन मालिक भी सीएनजी किट लगाना चाहते हैं लेकिन आरसी में सीएनजी प्रमाणीकरण न होने के कारण ये प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों के चलते वाहन मालिक अब सीएनजी की तरफ बढ़ने लगे हैं।
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हर छोटे वाहनों में सीएनजी का विकल्प दिया जा रहा है। इसे लोग पसंद भी कर रहे हैं। हिमाचल की सर्पीली सड़कों में पहले ही वाहनों की माइलेज कम रहती है। लोग सस्ती सीएनजी में अधिक माइलेज का लाभ उठाने के इच्छुक भी हैं। बस इसमें विभागीय प्रमाणीकरण आड़े आ रही है। सीएनजी किट फिटमेंट के बाद इसे वाहन आरसी में भी इंडोर्स करवाया जाना जरूरी रहता है। प्रदेश सरकार ने अगले दो वर्षों में हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य घोषित करने का लक्ष्य रखा है।
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बाकायदा बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए छूट का भी प्रावधान किया गया है। हरित ऊर्जा राज्य की इस मुहिम में सीएनजी प्रमाणीकरण बाधा बन रही है। इस मसले को लेकर परिवहन विभाग के उच्च अधिकारी भी अनभिज्ञ हैं। ऐसे में किस तरह हरित ऊर्जा मुहिम सिरे चढ़ेगी, यह बड़ा सवाल है। ऊना के देहलां में केंद्र स्थापित करने के लिए अक्षय पराशर लंबे समय से कागजी प्रक्रिया में उलझे हैं। इसके लिए उन्होंने शिमला में आवेदन किया है। उनका आवेदन लंबित है। 

आरएफसी कोड का है पेच
पुराने वाहनों में सीएनजी किट लगाने के बाद इसका प्रमाण पत्र मिलता है। इसमें केंद्र का एक आरएफसी कोड होता है। इसके माध्यम से सीएनजी इंडोर्समेंट होता है। राज्य में स्थापित अधिकृत केंद्रों में किट लगवाने के बाद ही इसकी इंडोर्समेंट हो सकती है। 


अधिकारियों से करेंगे बात
आपके माध्यम से ही मामला ध्यान में आया है। अधिकारियों से इस मसले को लेकर बातचीत की जाएगी। - आरडी नजीम, सचिव, परिवहन विभाग।

प्रदेश में 7 फिलिंग स्टेशन 
इस समय ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर जिले में सात सीएनजी स्टेशन हैं। आने वाले दिनों में तीन और सीएनजी स्टेशन शुरू होने वाले हैं। पुराने वाहनों में सीएनजी किट फिटमेंट को प्रमाणीकरण मिलने पर ही इसके इस्तेमाल में बढ़ोतरी होगी। - अनुपम श्रीवास्तव, प्रबंधक, भारत गैस रिसोर्स ऊना।

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