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Himachal News: एआई से बदलेगा प्रदेश का प्रशासन, तकनीक की सहायता से होंगे फैसले
Sun, 19 Apr 2026 11:48 AM IST
Ankesh Dogra
अनिमेष कौशल, शिमला।
अनिमेष कौशल, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 19 Apr 2026 11:48 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश सरकार के पास वर्षों से जमा डाटा चाहे वह परिवार रजिस्टर हो, भूमि रिकॉर्ड, स्वास्थ्य योजनाएं या परिवहन सिस्टम यह सब अब एक नई भूमिका निभाने जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर...
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एआई
- फोटो : freepik
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए अब राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डाटा एनालिटिक्स के माध्यम से निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करेगी। इसके तहत पहले चरण में प्रमुख विभागों के डाटा का उपयोग कर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आएगी, बल्कि दक्षता भी बढ़ेगी और नागरिकों को मिलने वाली सेवाएं अधिक तेज एवं सटीक होंगी।
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डिपार्टमेंट ऑफ डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस की देखरेख में यह कार्य किया जाना है। अब तक हिमाचल की पहचान शांत पर्यटन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए रही है। अब डिजिटल क्षेत्र में भी राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार के पास वर्षों से जमा डाटा चाहे वह परिवार रजिस्टर हो, भूमि रिकॉर्ड, स्वास्थ्य योजनाएं या परिवहन सिस्टम यह सब अब एक नई भूमिका निभाने जा रहा है। एआई के माध्यम से यह डाटा जीवंत सूचना में बदलेगा, जो सरकार को बताएगा कि किस क्षेत्र में किस योजना की जरूरत है और कौन वास्तव में लाभार्थी हैं। अलग-अलग विभागों में फैला डाटा अब तक अलग-अलग फाइलों और पोर्टलों में सीमित था।
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अब जमीन का रिकॉर्ड, स्वास्थ्य लाभार्थी, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा विभाग का छात्र डाटा, परिवहन और पुलिस नेटवर्क का डाटा एकसाथ एआई प्लेटफॉर्म पर आएगा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से इसकी रियल टाइम निगरानी की जाएगी। डैशबोर्ड पर योजनाओं की प्रगति, हर विभाग की रियल टाइम परफॉर्मेंस दिखेगी। समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान हो जाएगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और सटीक बनने की उम्मीद है।
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परिवहन से स्वास्थ्य तक हर सेक्टर में बदलाव
सरकार ने पहले चरण में ऐसे विभागों को नई तकनीक से जोड़ने का फैसला लिया है, जो सीधे लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं। इसके तहत स्वास्थ्य में हिमकेयर डाटा से बीमारियों और खर्च का विश्लेषण होगा। एचआरटीसी बस रूट का स्मार्ट ऑप्टिमाइजेशन होगा। सामाजिक कल्याण में हिम पारिवार डाटा से सही लाभार्थी चयन होगा। हेल्पलाइन सेवा संकल्प को एआई से अधिक प्रभावी बनाना जाएगा। दस्तावेज प्रबंधन के लिए फाइलों में स्मार्ट सर्च की सुविधा मिलेगी। इन विभागों के पास उपलब्ध बड़े डाटा को एकीकृत कर विश्लेषण किया जाएगा, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति और प्रभाव का आकलन आसान होगा।
सरकार ने पहले चरण में ऐसे विभागों को नई तकनीक से जोड़ने का फैसला लिया है, जो सीधे लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं। इसके तहत स्वास्थ्य में हिमकेयर डाटा से बीमारियों और खर्च का विश्लेषण होगा। एचआरटीसी बस रूट का स्मार्ट ऑप्टिमाइजेशन होगा। सामाजिक कल्याण में हिम पारिवार डाटा से सही लाभार्थी चयन होगा। हेल्पलाइन सेवा संकल्प को एआई से अधिक प्रभावी बनाना जाएगा। दस्तावेज प्रबंधन के लिए फाइलों में स्मार्ट सर्च की सुविधा मिलेगी। इन विभागों के पास उपलब्ध बड़े डाटा को एकीकृत कर विश्लेषण किया जाएगा, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति और प्रभाव का आकलन आसान होगा।