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बिना ऑपरेशन मनोरोगी के पेट से निकाली 22 सेंटीमीटर लंबी रॉड
Wed, 31 Mar 2021 06:13 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 31 Mar 2021 06:13 PM IST
सार
- आईजीएमसी में एंडोस्कोपी की मदद से मरीज को दी नई जिंदगी
- गेस्ट्रो एंट्रोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने 5 से 10 मिनट में हासिल की सफलता
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आईजीएमसी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में एक मनोरोगी के पेट से चिकित्सकों ने बिना ऑपरेशन एंडोस्कोपी की मदद से 22 सेंटीमीटर लंबी रॉड को बाहर निकाला है। अस्पताल में गेस्ट्रो एंट्रोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने महज 5 से 10 मिनट के भीतर मरीज को नई जिंदगी दी है। आईजीएमसी में जिला मंडी निवासी 20 वर्षीय युवक को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था।
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युवक मानसिक रोगी है और साइकेट्रिक विभाग से इसका इलाज चल रहा है। गेस्ट्रो एंट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर बृज शर्मा ने बताया कि युवक की मां ने डॉक्टरों को बताया कि उसने मेटल की रॉड को निगल लिया है। साइकेट्रिक विभाग के चिकित्सकों ने मरीज का एक्सरे करवाया तो खाने की पाइप से लेकर पेट तक एक धातु दिखाई दी। इसके बाद साइकेट्रिक विभाग के चिकित्सकों ने मरीज को गेस्ट्रो एंट्रोलॉजी विभाग भेजा।
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जहां पर एंडोस्कोपी की मदद से करीब 5 से 10 मिनट में 22 सेंटीमीटर लंबी रॉड को बाहर निकाला गया। विभाग का दावा है कि इस तरह का यह पहला मामला है। विभाग अध्यक्ष डॉ. बृज शर्मा ने बताया कि डॉ. राजेश, डॉ. विशाल, डॉ. आशीष टेक्नीशियन जय प्रकाश और सिस्टर मोनिका की देखरेख में यह कार्य पूरा किया गया। अध्यक्ष डॉ. बृज ने बताया कि पहले खाने की नाली को डिसइनफेक्ट किया और बिना चीर फाड़ के इस रॉड को बाहर निकाला गया।
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