मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन का एलान, सिर्फ इनके निर्देशों को ही मानेंगे
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प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन की बैठक हमीरपुर में प्रदेश प्रधान डॉ. जीवानंद चौहान की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश कार्यकारिणी सहित सभी जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में एसोसिएशन के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रदेश सचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन का एमडी कोई तकनीकी व्यक्ति होना चाहिए, जिसे चिकित्सकों और चिकित्सा से संबंधी जानकारी हो।
एचएएस और आईएएस अधिकारी एमडी बनाए जाते हैं, उन्हें चिकित्सा के बारे में पता नहीं होता है। ऐसे में वे सरकार को गलत आंकड़े प्रस्तुत करते हैं। संघ सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के आदेशों को ही मानेगा।
अगर एनएचएम के एमडी चिकित्सकों को कोई निर्देश देना चाहते हों तो वे निदेशक के माध्यम से दें। उन्होंने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन को अलग भवन की जरूरत नहीं है।
वह भी उसी भवन में चलना चाहिए, जिसमें स्वास्थ्य निदेशक का कार्यालय है। अलग भवन के किराये के रूप में दिए जाने वाले लाखों रुपये की बचत होगी। सरकार इस पैसे को लोगों को मुफ्त दवाइयां देने में उपयोग कर सकती है।
संघ ने उठाए ये मुद्दे
संघ सदस्यों ने कहा कि संघ एनएचएम में चिकित्सकों को ट्रेनिंग न मिलने का भी विरोध करता है। मांग की कि प्रदेश में चिकित्सकों को कांट्रेक्ट पर न रखा जाए। प्रदेश प्रधान ने कहा कि जल्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार से बैठक की जाएगी।
संघ ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में 330 जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध नहीं होती हैं। हर बार दवाइयों के लिए चिकित्सकों को जिम्मेवार ठहराया जाता है, लेकिन असल में अस्पतालों में पूरी जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध ही नहीं करवाई जाती हैं।
दवाइयों की गुणवत्ता और कीमत में सुधार होना चाहिए। कहा कि प्रदेश में खुल रहे मेडिकल कॉलेजों में बाहर से स्टाफ की नियुक्ति की जा रही है, जबकि प्रदेश में चिकित्सक और अधिकारी अरसे से प्रमोशन की राह देख रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज का प्राचार्य कोई भी सेवानिवृत्त व्यक्ति न हो। ऐसा व्यक्ति जिसकी आयु 62 वर्ष से अधिक हो प्रधानाचार्य नहीं होना चाहिए। संघ ने इन मांगों पर प्रस्ताव भी पारित किया।
इस दौरान मुख्य सलाहकार डॉ. संत राम, डॉ. ओमपाल शर्मा, उपप्रधान डॉ. राजेश राणा, सीनियर उपप्रधान डा. देवेंद्र सहित डॉ. हीरा लाल, डॉ. विकास, डॉ. विनय और डॉ. हर्षवर्धन आदि मौजूद रहे।