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डूरंड कप: हिमाचल को मिल सकती है मेजबानी
भूपेंद्र राणा/अमर उजाला, मंडी
Updated Wed, 28 Oct 2015 11:51 AM IST
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देश के प्रतिष्ठित डूरंड कप फुटबाल प्रतियोगिता की मेजबानी की मांग हिमाचल करेगा। प्रदेश फुटबाल संघ ने इसके लिए ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन ने पत्राचार शुरू कर दिया है। यदि हिमाचल फुटबाल संघ की कवायद रंग लाती है तो प्रदेश में 125 साल के बाद डूरंड कप के मैच हो सकते हैं। प्रदेश फुटबाल संघ के अध्यक्ष अमित पॉल ने बताया कि डूरंड कप की मेजबानी के लिए हिमाचल अपना दावा पेश करेगा।
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इस टूर्नामेंट का इतिहास हिमाचल से जुड़ा है। ऐसे में संघ की कोशिश रहेगी कि टूर्नामेंट की मेजबानी हिमाचल को फिर से मिल सके। इसके लिए संघ ने ऑल इंडिया फुटबाल संघ से पत्राचार किया है। जल्द ही संघ के पदाधिकारी ऑल इंडिया फुटबाल संघ के अध्यक्ष प्रफुल पटेल से भी मिलेंगे।
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पॉल ने बताया कि फुटबाल में डूरंड कप का इतिहास हिमाचल प्रदेश से जुड़ा है और प्रदेश से ही 125 साल पहले डूरंड कप की शुरूआत हुई थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश फुटबाल संघ का प्रयास है कि डूरंड कप की मेजबानी का मौका हिमाचल को मिलना चाहिए।
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ताकि प्रदेश में फुटबाल खेल को बढ़ावा मिलने के साथ ही प्रतिभावान खिलाडिय़ों को सीखने का मौका मिल सके। डूरंड कप जैसे बड़े आयोजन से मैदानों का कायाकल्प होगा, साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार और कारोबार भी बढ़ेगा।
हिमाचल में खेला गया था पहला डूरंड कप- फुटबाल खेल में डूरंड कप का इतिहास हिमाचल प्रदेश से जुड़ा हुआ है। करीब 125 साल पहले वर्ष 1888 में डूरंड कप की शुरूआत शिमला के अनाडेल और सोलन जिले के डगशाई मैदान से हुई थी। ब्रिट्रिश सेना के अधिकारी डूरंड के नाम से डूरंड कप करवाया गया ता। आज भी फुटबाल यह प्रतियोगिता होती है।