अटल के गांव प्रीणी में नहीं जले चूल्हे, पूरे प्रदेश में शोक की लहर
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से कुल्लू-मनाली समेत पूरे हिमाचल में शोक की लहर है। पूर्व पीएम के दूसरे घर प्रीणी गांव में कोई चूल्हा नहीं जला। निधन की सूचना मिलते ही प्रीणी से 5 लोगों का दल वाजपेयी के अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली रवाना हो गया है।
वाजपेयी के निधन की खबर जैसे ही मिली कुल्लू-मनाली में कई लोगों की आंखें नम हो गईं। इससे पहले वीरवार को प्रीणी समेत प्रदेश भर में दिनभर दुआओं का दौर चलता रहा। मंदिरों में उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए पूजा-अर्चनाएं चलती रहीं।
उनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए प्रीणी स्थित देवता फाहली नाग के मंदिर में दिनभर प्रार्थनाओं का दौर चलता रहा, लेकिन शाम को उनके निधन की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया।
अटल के निधन की खबर चलने पर भी ग्रामीणों को यकीन नहीं हुअा
टीवी पर अटल के निधन की खबर चलने पर भी ग्रामीणों को इस पर यकीन नहीं हो पाया। इसलिए हर कोई एक-दूसरे से संपर्क कर इस घटना की सत्यता के बारे में पता करने लगा। ग्रामीण ठाकुर दास और पंचायत प्रधान शिवदयाल ने बताया कि वाजपेयी के करीबी कुछ लोग दिल्ली रवाना हो गए हैं।
लोत राम का कहना है कि अटल का हमेशा मनाली से लगाव रहा है। अब वह इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन प्रीणीवासियों के दिलों में वह हमेशा रहेंगे। शिवदयाल ने कहा कि उन्होंने अपना अभिभावक खो दिया।
मनाली के लिए इससे बड़ी कोई और दूसरी क्षति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अटल के निधन से सभी ग्रामीण गमगीन हैं और किसी भी घर में रात्रि भोजन के लिए चूल्हा नहीं जला। शुक्रवार को ग्रामीण उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।