करोड़पति हैं हिमाचल के आला वन अफसर, पढ़िए कितनी है संपत्ति
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हिमाचल के आला वन अफसर करोड़पति हैं। उनके पास हिमाचल से बाहर आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, यूपी, बिहार जैसे राज्यों में भी अचल संपत्तियां हैं। कई अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पैतृक संपत्ति है। ये संपत्तियां आवास, फ्लैट, प्लॉट आदि के रूप में हैं।
कुछ अधिकारियों की संपत्तियां हिमाचल के एक से अधिक जिलों में भी हैं। हिमाचल सरकार ने 38 आईएफएस अधिकारियों की अचल संपत्ति सार्वजनिक की है। अन्य अधिकारियों की संपत्ति भी जल्द सार्वजनिक की जाएगी। यह ब्योरा बाकायदा वन विभाग की वेबसाइट पर डाला गया है।
पढ़िए किसके पास कितनी संपत्ति
प्रदेश सरकार की ओर से जारी संपत्ति विवरण के मुताबिक आईएफएस अधिकारी हरि सिंह डोगरा के पास जिला मंडी के तहसील कोटली में 20 लाख का भवन और जमीन, जिला मंडी में 75 लाख रुपये का आवासीय गृह, कुल्लू में 13 लाख, ऊना में दो लाख रुपये और धर्मशाला में छह लाख की अचल संपत्ति है।
जीएस गोराया के पास पटियाला में एक करोड़ 80 लाख और रोपड़ में 30 लाख की अचल संपत्ति है। डा. सविता के पास न्यू चंडीगढ़ में 99, 45, 490 रुपये का आवासीय फ्लैट, यहीं पर 58 लाख रुपये की कीमत का जमीन का प्लॉट और कांगड़ा के खनियारा में 72 लाख रुपये कीमत का प्लॉट और एक घर है।
इनके पास 48 लाख का फ्लैट
जीआर साहिबी के पास सोलन में 18 लाख का फ्लैट, शिमला में 17 लाख की जमीन, सोलन में 48 लाख का फ्लैट, पंजाब के मनौली में 15 लाख की भूमि और हिमाचल में 5 लाख की अचल संपत्ति है। आरएस बनियाल के पास कांगड़ा के पालमपुर में 55 लाख, बड़सर
में 15 लाख और पालमपुर में 40 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। समीर रस्तोगी के पास उत्तर प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये की अचल संपत्ति है। एसएस नेगी के पास किन्नौर, शिमला और कुल्लू में 80 लाख की अचल संपत्ति है। कई अन्य अधिकारियों के पास 20 से 50 लाख रुपये की कीमत की भी अचल संपत्तियां हैं।