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पेंशन न देने पर सीएस को नोटिस, हाईकोर्ट ने दो दिन में जवाब मांगा

Mon, 07 Dec 2015 08:54 PM IST
Updated Mon, 07 Dec 2015 08:54 PM IST
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himachal high court seeks report on pension case within two days.

नारी सेवा सदन मशोबरा में रह रही महिलाओं को हाईकोर्ट के आदेशानुसार पेंशन जारी न करने के मामले में मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने राज्य सरकार से दो दिन के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा है। इसके अलावा उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र में यह स्पष्ट किया है कि नारी सेवा सदन की एक बच्ची अपने पिता के साथ अपने घर जाना चाहती है।

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उसे नारी सेवा सदन से जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। पत्र के अनुसार बच्ची व अन्य आश्रितों से बंधुआ मजदूरों की तरह आधिकारिक आवासों में कार्य लिया जा रहा है। प्रार्थी ने मांग की है कि नारी सेवा सदन मशोबरा की आरोपी महिला कर्मचारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। इसके अलावा हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना न करने पर दोषियों के खिलाफ अवमानना की करवाई करने की मांग की है। चार जून को अजय श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने नारी सेवा सदन की सभी बेसहारा महिलाओं को पेंशन लगाने के आदेश दिए थे।
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इसके बाद सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे हाईकोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए खारिज कर दिया था। इसके बावजूद सरकार ने किसी भी बेसहारा महिला को पेंशन नहीं लगाई है। अजय श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट से बेसहारा महिलाओं के लिए नीति बनाने की मांग की है। मनोरोगी और सामान्य महिलाओं को अलग-अलग रखने की व्यवस्था करने की मांग की है।
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शिक्षा सचिव, एचपीयू के रजिस्ट्रार को नोटिस

himachal high court seeks report on pension case within two days.

प्रदेश उच्च न्यायालय ने हमीरपुर जिला के तरक्वाड़ी में निजी क्षेत्र में चल रहे बीएड कॉलेज की प्रबंधन समिति की ओर से प्रवक्ता को यूजीसी स्केल न दिए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। निशा चांगरा की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के शिक्षा सचिव, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, नेशनल कौंसिल फॉर टीचर्स एजूकेशन के रीजनल डायरेक्टर, स्वामी विवेकानंद कॉलेज तरक्वाड़ी के प्रिंसिपल और कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष से जवाब तलब किया है।

याचिका में दिए गये तथ्यों के अनुसार प्रार्थी को फरवरी 2010 में लेक्चरर एजूकेशन नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति विश्वविद्यालय की पूर्व अनुमति के साथ की गई थी। बावजूद उसे नियुक्ति पत्र और एग्रीमेंट की शर्तों के अनुरूप वेतन नहीं दिया गया। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रबंधन ने उसे यूजीसी स्केल नहीं दिया जो कि गैर कानूनी है।

प्रार्थी ने यूजीसी स्केल अदा करने के लिए कई बार आग्रह कॉलेज प्रबंधन से किया लेकिन उन्होंने कोई गौर नहीं किया। प्रार्थी का आरोप है कि यूजीसी स्केल की मांग करने के बाद कॉलेज प्रबंधन समिति उसे बेवजह तंग कर रही है। इस मामले पर सुनवाई आगामी पहली मार्च को निर्धारित की गई है।

पंचायत चुनाव आरक्षण मामले में फैसला सुरक्षित

himachal high court seeks report on pension case within two days.

हिमाचल हाईकोर्ट ने पंचायतीराज चुनाव में आरक्षण रोस्टर और पंचायतों के पुनर्सीमांकन को लेकर दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। पचास के करीब मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ कर रही है। खंडपीठ ने तीस नवंबर को सुनवाई के दौरान पंचायतीराज चुनावों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई सात दिसंबर तक टाल दी थी।

प्रार्थियों ने नगर परिषदों में लॉटरी से सीटों को आरक्षित करने पर आपत्ति दर्ज कराई है। जबकि पंचायतों की सीटों को आरक्षित करने में रोस्टर प्रणाली को सख्ती से न अपनाने की बात की है। कुछ मामलों में गलत ढंग से पंचायतों का परिसीमन करने को याचिका का आधार बनाया गया है।

हाईकोर्ट में इस तरह के 50 मामले हैं। इन मामलों पर सुनवाई सात दिसंबर को होनी थी। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में पंचायत चुनाव की तारीख घोषित कर दी है। जिला कांगड़ा, लाहौल और कुल्लू की चार पंचायतों को छोड़ कर बाकी जिलों में चुनाव 1, 3 और 5 जनवरी को निर्धारित किए गए हैं।

जल्द करो उड़ानों का ट्रायल: हाईकोर्ट

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जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से उड़ानों को सुचारु रूप से चलाने के आग्रह को लेकर दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि एयरटेल ने अपना टावर उड़ान क्षेत्र से हटा दिया है। अब जल्द ही सुचारु रूप से उड़ानें शुरू हो जाएंगी।

गौरतलब है कि लंबे समय से जुब्बड़हट्टी से हवाई जहाजों की आवाजाही नहीं हो रही थी। हाईकोर्ट के दखल के बाद केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर इसे जीवित करने के लिए कारगर कदम उठाए हैं। कोर्ट ने ट्रायल आधार पर शीघ्र ही उड़ाने शुरू करने को कहा है।

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