फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal high court retention policy to regularise illegal structures cm virbhadra singh.

हाईकोर्ट से अनुमति के बाद अवैध कब्जों पर बनेगी नीति

Mon, 29 Feb 2016 10:23 PM IST
Updated Mon, 29 Feb 2016 10:23 PM IST
विज्ञापन
himachal high court retention policy to regularise illegal structures cm virbhadra singh.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट से अनुमति लेने के बाद ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जाधारियों के कब्जे नियमित करने की नीति बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में एक्ट में संशोधन के लिए भी हाईकोर्ट की अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह विधायकों की ओर से अवैध कब्जे को लेकर नियम-62 के तहत की गई चर्चा के जवाब में बोल रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों से संबंधित कई मामलों में विभिन्न आदेश पारित किए हैं। ये सभी आदेश अंतरिम हैं। विभिन्न मामले अभी भी विचाराधीन हैं और समय समय पर विभिन्न आदेश सरकार को प्राप्त हो रहे हैं व आदेशों की अनुपालना पर सरकार से रिपोर्ट ली जा रही है। उन्होंने कहा कि वन भूमि पर जिन-जिन लोगों ने कब्जा करके सेब के बगीचे लगाए हैं, हाईकोर्ट ने उन्हें हटाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

सरकार ने उच्च न्यायालय के समक्ष रखा है पक्ष

himachal high court retention policy to regularise illegal structures cm virbhadra singh.

इस आदेश की अनुपालना करने के लिए वन तथा राजस्व विभागों के अधिकारियों को निजी तौर पर जिम्मेवार ठहराया गया है । न्यायालय ने यह भी आदेश पारित किए हैं कि अवैध कब्जों के मामलों में बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए जाएं। उन्होंने कहा कि बीते विधानसभा सत्र के दौरान कहा था कि अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही से निर्धन, सीमांत किसान एवं अन्य कमजोर वर्ग के लोगों को जो कठिनाई हुई है और विशेष तौर से जो उनकी आजीविका पर विपरीत असर पड़ा है, उसका समाधान

करने का प्रयास सरकार करेगी। सदन ने भी एक संकल्प पारित किया था, जिसमें इस वर्ग के लोगों को राहत देने की बात कही गई थी। उच्च न्यायालय के समक्ष सरकार ने अपना पक्ष रखा था। कहा गया था कि जब तक इस संकल्प के अनुरूप सरकार नीति निर्धारित नहीं कर लेती तब तक अवैध कब्जे हटाने की कार्यवाही स्थगित कर दी जाए। लेकिन इस पर अभी तक न्यायालय द्वारा कोई आदेश पारित नहीं किए गए।

प्रदेश सरकार ने 2102 करोड़ रुपये की रखीं अनुदान मांगें

himachal high court retention policy to regularise illegal structures cm virbhadra singh.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से वर्ष 2015-16 के लिए रखे गए अनुपूरक बजट सोमवार को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। साप्ताहिक कार्यसूची की जानकारी देने के बाद मुख्यमंत्री ने अनुपूरक बजट को पास करने का प्रस्ताव रखा। अनुपूरक अनुदान मांगें 2102.40 करोड़ की हैं, जिनमें से 1270.40 करोड़ गैर योजना स्कीमों, 352.10 करोड़ योजना तथा 479.77 करोड़ केंद्रीय प्रायोजित स्कीमों के लिए प्रावधित किए गए हैं। गैर योजना व्यय में 527 करोड़ 57 लाख राज्य विद्युत बोर्ड को टैरिफ रोल

बैक पर उपदान एवं एसजेवीएनएल को जेनरेशन टैरिफ का भुगतान, 157 करोड़ 86 लाख राज्य सरकार की तरफ से लिए गए ऋणों पर ब्याज चुकता करने, 125 करोड़ 79 लाख ऋ णों को चुकता करने, 60 करोड़ 19 लाख पुलिस व इससे संबद्ध संगठन, 46 करोड़ 94 लाख सड़कों के निर्माण के लिए मुआवजा, 23 करोड़ 74 लाख विभिन्न जलापूर्ति स्कीमों के लिए विद्युत प्रभार, 14 करोड़ 55 लाख शहरी एवं ग्रामीण निकायों के चुनाव तथा 12 करोड़ 63 लाख शहरी विकास के लिए प्रावधित किए गए हैं।

विज्ञापन

योजना स्कीमों के तहत 124 करोड़ का प्रावधान

himachal high court retention policy to regularise illegal structures cm virbhadra singh.

योजना स्कीमों के तहत 124 करोड़ 6 लाख मिडडेमील, पीटीए को अनुदान इत्यादि, 117 करोड़ 19 लाख सड़कों पुलों तथा भवनों के निर्माण एवं मरम्मत, 28 करोड़ 02 लाख नए मेडिकल कालेजों एवं डीडीयू अस्पताल के निर्माण, 27 करोड़ 87 लाख एमएलए विकास निधि पर व्यय, 16 करोड़ 10 लाख अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों, 10 करोड़ 01 लाख ज्यूडिशियल अकादमी के लिए प्रावधित किए गए हैं। केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत अधिकतर राशि चालू व नई विकास योजनाएं, जिनके लिए केंद्र सरकार से इस वर्ष के दौरान धन राशि प्राप्त हुई, के लिए प्रस्तावित हैं।

इनमें खासकर 69 करोड़ 44 लाख राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, 47 करोड़ 09 लाख सर्व शिक्षा अभियान, 34 करोड़ 50 लाख जेएनएनआरयूएम, 31 करोड़ 80 लाख पेयजल तथा सीवरेज योजनाओं की मुरम्मत, 25 करोड़ 08 लाख कृषि इनपुट, 20 करोड़ 11 लाख इंदिरा आवास योजना, 21 करोड़ 53 लाख मेडिकल कालेज के भवनों के निर्माण, 11 करोड़ 06 लाख अनुसूचित जाति/जनजातियों के लिए विशेष पोषाहार कार्यक्रम, 10 करोड़ 67 लाख डिग्री कालेजों और 06 करोड़ 57 लाख स्वच्छ भारत मिशन के लिए प्रस्तावित हैं।

बजट पर सीएम ने दिया ये बयान

himachal high court retention policy to regularise illegal structures cm virbhadra singh.

प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र की ओर से पेश आम बजट न तो प्रगतिशील है और न ही परिवर्तन की कोई उम्मीद दिखाता है। यह बजट पूर्व की यूपीए सरकार के कार्यों की छाया प्रति लगता है। केंद्रीय बजट में आयकर स्लैब में वृद्धि न करने से कर्मचारियों को कोई राहत नहीं मिली है। 20,000 करोड़ रुपये के नए करों से आम आदमी पर बोझ पड़ेगा तथा महंगाई बढ़ेगी।

वित्त मंत्री ने आंकड़ों का जाल पेश किया है, जो सभी आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों में वृद्धि करेगा। गरीबी की रेखा से नीचे रह रहे परिवारों को बजट में गैस कनेक्शन देने की व्यवस्था हिमाचल प्रदेश में पहले से ही है। हालांकि मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार के लिए धनराशि का प्रावधान स्वागत योग्य है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed