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कितनी बार बनाई अवैध भवनों को नियमित करने की पॉलिसी: हाईकोर्ट

Tue, 13 Jun 2017 12:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 13 Jun 2017 12:06 PM IST
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himachal high court judgement over illegal illegal encroachments
हिमाचल हाईकोर्ट

संशोधित टीसीपी एक्ट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा कि इस संशोधन से पहले कितनी बार अवैध भवनों को नियमित करवाने के लिए पॉलिसियां बनाई गई हैं। हाईकोर्ट की डबल बैंच ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर अनुपूरक हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी। 

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने राघव गोयल व अभिमन्यु राठौर की ओर से दायर याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद सरकार से जवाब मांगा है। ज्ञात रहे कि कोर्ट ने नए कानून के तहत भवनों के नियमितीकरण के लिए किए गए आवेदनों पर अंतिम निर्णय तक रोक लगा रखी है।
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मामले के अनुसार इस वर्ष 24 जनवरी को प्रदेश सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन) अधिनियम 2016 राजपत्र में प्रकाशित किया। इस कानून को 15 जून 2016 से लागू माना गया। इस कानून को 24 जनवरी 2018 तक प्रभावी भी बनाया गया।
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इस अधिसूचना के तहत नियमितीकरण के लिए संबंधित लोगों को 60 दिनों का समय देते हुए आवेदन आमंत्रित किए गए। यह समय अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने से शुरू हुआ। प्रार्थी अभिमन्यु राठौर की ओर से दायर याचिका में सरकार पर आरोप

लगाया गया है कि इस तरह के कानूनों से अवैध निर्माणों को बढ़ावा दिया जाता है जिससे ईमानदार लोग खुद को असहज अनुभव करते हैं। प्रार्थी ने उक्त कानून के तहत आये नक्शों को नियमित करने के लिए आवेदनों को कोर्ट में मंगवाने की गुहार भी लगाई है। 

19 जून तक टली इलेक्ट्रिक बस खरीद की सुनवाई
हाईकोर्ट ने इलेक्ट्रिक बस खरीद मामले की सुनवाई 19 जून तक टाल दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने इस  मामले की सुनवाई करते हुए अगले सोमवार तक निगम प्रबंधन को अपना पक्ष रखने को कहा है। 

गौरतलब है कि निजी कंपनी ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ  हाईकोर्ट में चुनौती दे दी है। हाईकोर्ट में दी गई याचिका में कंपनी ने बसों की खरीदारी पर सवाल उठाए हैं। जब तक कोर्ट से इस मामले पर फैसला नहीं आ जाता, तब तक प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसें नहीं


चल सकेंगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने हिमाचल के पर्यटन स्थल रोहतांग के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते परिवहन निगम ने इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला लिया है।

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