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हिमाचल हाईकोर्ट: सात वर्ष सेवाकाल पूरा तो मृत्यु के बाद आश्रित करुणामूलक नौकरी के हकदार

Mon, 02 May 2022 02:03 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 02 May 2022 02:03 AM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि जो दैनिक भोगी सात वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुका है उसकी सेवाकाल में मृत्यु के बाद आश्रित करुणामूलक आधार पर नौकरी के हकदार हैं। 

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Himachal High Court: If seven years of service is completed, then dependents are entitled to compassionate job after death
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि जो दैनिक भोगी सात वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुका है उसकी सेवाकाल में मृत्यु के बाद आश्रित करुणामूलक आधार पर नौकरी के हकदार हैं। न्यायाधीश सीबी बारोवालिया ने मंडी निवासी प्रभी देवी की याचिका को स्वीकार करते हुए सरकार को आदेश दिए कि वह याचिकाकर्ता को करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के बारे में तीन महीने में विचार करे। अदालत ने सरकार को आदेश दिए कि वह अनुपालना रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करे। अदालत ने सरकार के उस निर्णय को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत सरकार ने याचिकाकर्ता को करुणामूलक आधार पर नौकरी देने के आग्रह को खारिज कर दिया था। 

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याचिकाकर्ता का पति वर्ष 1984 से कृषि विभाग में पार्ट टाइम स्वीपर के पद पर सेवाएं दे रहा था। वर्ष 2009 में उसकी सेवाएं बतौर दैनिकभोगी तबदील की गईं और दैनिक भोगी पर पांच वर्ष की सेवाएं पूरी करने के बाद उसकी सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई। उसके बाद याचिकाकर्ता ने करुनामूलक आधार पर नौकरी के लिए विभाग के पास आवेदन किया। इस विभाग ने इस आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि मृतक ने दैनिकभोगी के तौर पर सिर्फ पांच वर्ष का सेवाकाल ही पूरा किया है और सरकार की अधिसूचना के अनुसार करुणामूलक आधार पर नौकरी पाने केे लिए सात वर्ष का सेवाकाल होना चाहिए। हाईकोर्ट ने इस निर्णय को कानूनसम्मत न मानते हुए निरस्त कर दिया और विभाग को आदेश दिए है कि वह याचिकाकर्ता को करुणामूलक आधार पर सरकारी नौकरी देने के बारे में तीन महीनों के भीतर विचार करे। 

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