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हाईकोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के अफसरों पर कसा शिकंजा, दिए ये आदेश

Wed, 28 Mar 2018 10:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Wed, 28 Mar 2018 10:13 AM IST
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Himachal high court directions to PWD officers

प्रदेश हाईकोर्ट ने कसौली सर्किल के तहत आने वाली सड़कों पर लोक निर्माण विभाग की ओर से करवाई गई घटिया मैटलिंग पर जनवरी 2016 से दिसंबर 2017 तक यहां तैनात विभागीय अफसरों से शपथपत्र मांगे हैं।

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कोर्ट ने एसपी सोलन को आदेश जारी किए हैं कि वह परवाणू-कसौली-धर्मपुर वाया सनावर स्कूल सड़क, परवाणू, खड़देम, बनासर, भोजनगर, जोहड़जी से कुमारहट्टी सड़क और चक्की का मोड़-भोजनगर सड़क की वर्तमान स्थिति, निर्माण और मरम्मत की वीडियोग्राफी करें। 
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने रिश्वत निरोधक एवं सामाजिक कल्याण संघ कसौली की ओर से लिखे पत्र पर संज्ञान लेने वाली जनहित याचिका में यह आदेश पारित किए। मामले पर सुनवाई बुधवार को होगी।
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कोर्ट ने लोक निर्माण विभाग के जेई राकेश कुमार, राजेंद्र सिंह, गुरवचन सिंह, ज्ञान सिंह ठाकुर, एसडीओ भूप सिंह राणा, रंजन कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता संदीप कुमार सोबती और कार्यवाहक अधीक्षण अभियंता अजय गुप्ता को अपना शपथ पत्र न्यायालय के समक्ष दाखिल करने की आदेश जारी किए हैं।

जेई ज्ञान सिंह ठाकुर, एसडीओ रूप सिंह राणा व राकेश कुमार मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष हाजिर नहीं थे। न्यायालय ने मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी किए हैं कि वह बुधवार को इन प्रतिवादियों की उपस्थिति कोर्ट के समक्ष सुनिश्चित करें। 

कोर्ट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी को आदेश जारी दिए कि वह अपने शपथ पत्र के माध्यम से न्यायालय को बताएं कि उनके द्वारा इन वैकल्पिक सड़कों की मरम्मत और उन्हें विकसित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को क्या कोई धनराशि स्वीकृत कर रखी है।

क्या उनके द्वारा इस कार्य का निरीक्षण करने के लिए कोई कार्यवाही अमल में लाई गई। इस बाबत भी हाईकोर्ट के समक्ष शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश जारी किए गए हैं। 

एमिक्स क्यूरी ने मिलीभगत के लगाए हैं आरोप
मामले में नियुक्त एमिक्स क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि इस घपले में ठेकेदार और सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत प्रतीत हो रही है।

यह मिलीभगत का ही नतीजा था कि अधिशासी अभियंता द्वारा सड़क की मैटलिंग व रखरखाव में खामियां उजागर होने और ठेकेदार द्वारा समय पर काम पूरा न करने के बावजूद ठेकेदार को करोड़ों की पेमेंट जारी कर दी गई। 

दो महीने में टूट गई करोड़ों रुपयों से हुई मैटलिंग
हाईकोर्ट के नाम लिखे पत्र में आरोप लगाया गया है कि कसौली सर्किल में पड़ने वाली लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मात्र 2 माह पहले टारिंग की गई थी, जो अब टूट गई है।


सरकार ने करोड़ों रुपये इस काम के लिए खर्च किए। अब इस रोड पर गड्ढे देखने को मिलते हैं। यह ठेकेदार द्वारा घटिया किस्म का सामान प्रयोग करने के कारण हुआ है। कार्य को निर्धारित शर्तों के अंतर्गत नहीं किया गया। सार्वजनिक धन का पूरी तरह से दुरुपयोग किया गया।

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