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छोटे किसानों के कब्जे नियमित होंगे या नहीं, 27 को आएगा फैसला

Thu, 09 Feb 2017 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 09 Feb 2017 09:19 AM IST
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Himachal High Court Decision Awaited in Illegal structure regularization
हिमाचल हाईकोर्ट

सरकारी भूमि पर कब्जे करने के मामले की सुनवाई 28 फरवरी को हाईकोर्ट में होगी। सर्दियों की छुट्टियों के बाद 27 फरवरी को हाईकोर्ट खुलेगा। 28 फरवरी को सरकार इस मामले पर कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। हाईकोर्ट पांच बीघा तक कब्जे नियमित करने को हरी झंडी देगा या सरकार की नीति को खारिज करेगा, इस पर प्रदेश वासियों की नजरें टिकी हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को एक इंच सरकारी भूमि से भी कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। 

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उच्च न्यायालय ने वन भूमि से पेड़ काटकर अवैध ढंग से सेब बगीचे विकसित करने के मामले में कड़ा रुख अपनाकर 27 दिसंबर, 2016 को सरकार को आदेश दिए थे कि वह 28 फरवरी, 2017 तक वन भूमि से सभी अवैध कब्जों को हटाए। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने राजस्व विभाग के अतिरिक्त और प्रधान मुख्य अरण्यपाल को कोर्ट के आदेशों की अनुपालना बताने के लिए 28 फरवरी को कोर्ट में हाजिर रहने के आदेश भी दिए हैं। 

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उच्च स्तरीय कमेटी ने दी है अंतरिम पॉलिसी को मंजूरी

Himachal High Court Decision Awaited in Illegal structure regularization

सरकारी भूमि पर कब्जों को लेकर गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व की सब कमेटी की अंतरिम पॉलिसी को हरी झंडी दे दी है। अब अंतरिम पॉलिसी को कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। कमेटी ने किसानों और बागवानों के आजीविका के

अधिकारों की रक्षा के लिए मसौदा तैयार किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम पांच बीघा तक की भूमि पर मालिकाना अधिकार देने के लिए सरकार ने योजना तैयार की है। अब हाईकोर्ट सरकार की इस नीति को लेकर क्या फैसला लेता है, इस पर नजरें टिकी हैं। सियासी गलियारों में इसको लेकर खूब चर्चा भी हो रही है।

हाईकोर्ट में नरम रुख अपनाने की अपील कर सकती है सरकार
जानकारों का मानना है कि सरकार विधानसभा के संकल्प प्रस्ताव का हवाला देकर कब्जों को नियमित करने की पैरवी करेगी। विधानसभा में सरकार ने सर्वसम्मति से सरकारी भूमि पर हुए कब्जों के मामले को लेकर हाई पावर कमेटी बनाने का फैसला लिया था। संभावित है कि सरकार विधायिका से पास प्रस्ताव की आड़ में हाईकोर्ट से इस मामले पर नरम रुख अपनाने की अपील करेगी।

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