गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: CBI ने सौंपी स्टेटस रिपोर्ट, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
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कोर्टखाई के गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड मामले में अभी तक हुई जांच की स्टेटस रिपोर्ट सीबीआई ने हाईकोर्ट के समक्ष बंद लिफाफे में पेश की। सीबीआई ने कोर्ट से आग्रह किया कि जांच को गोपनीय रखते हुए सार्वजनिक न किया जाए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने सीबीआई के इस आग्रह के बाद इस रिपोर्ट को खोलने से इनकार करते हुए इसे रजिस्ट्रार जनरल की कस्टडी में रखने के आदेश दिए।
कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई से पूछा कि और कितने समय में इस मामले की जांच पूरी कर ली जाएगी। इस पर सीबीआई ने कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय मांगा। कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई।
कोर्ट ने सीबीआई की रिपोर्ट को बिना देखे सील्ड कवर में ही इसे रजिस्ट्रार जनरल के सुपुर्द करते हुए सीबीआई को दो हफ्ते के भीतर अगली स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
सीबीआई जांच की जानकारी जनता को मिलनी चाहिए: डोगरा
मामले की सुनवाई के दौरान हिमाचल सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता श्रवण डोगरा ने अनुरोध किया कि सीबीआई को कम से कम यह पूछा जाए कि अभी तक उनकी जांच किस नतीजे पर पहुंची है, जिससे जनता इस जांच के बारे में कुछ तो जानकारी हासिल कर सके।
सीबीआई के वकील ने खुद भी जांच रिपोर्ट नहीं देखी थी, जिस कारण वह इस जांच के बारे में कुछ भी कोर्ट को नहीं बता पाए। सीबीआई की ओर से मामले की पैरवी अधिवक्ता अंशुल बंसल ने की। हालांकि, उन्होंने आइंदा से ऐसा न दोहराने की बात करते हुए अगली बार अदालत को इस मामले की जांच से संतुष्ट करवाने की बात कही।
हाईकोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई ने गठित की एसआईटी
हिमाचल हाईकोर्ट ने ही इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपते हुए एक एसआईटी का गठन करने के आदेश दिए थे। इसमें एसपी और डीएसपी रैंक के तीन अधिकारी रखने को कहा गया था।
कोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे कि वह मामले की जांच में सीबीआई की हरसंभव सहायता करे और प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने मामले में जो भी सबूत इकट्ठे किए हैं, उन्हें सीबीआई को सौंप दे।
अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिए थे कि वह दो सप्ताह के अंदर मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करे। प्रदेश हाईकोर्ट ने 12 जुलाई को मीडिया में गुड़िया मामले की छपी खबरों पर खुद संज्ञान लिया था और प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाबतलब किया था। मामले पर अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
एसआईटी के तीन सदस्य कोर्ट में रहे मौजूद
सीबीआई के एसएसपी एसएस गुरुम की अगुवाई में एसआईटी के तीनों सदस्य भी कोर्ट में मौजूद रहे। बाद में मीडिया ने भी एसआईटी से बातचीत करने का प्रयास किया, मगर इन सदस्यों ने मुंह फेर लिया। चूंकि ये अधिकारी मीडिया से बातचीत के लिए अधिकृत नहीं हैं, इसलिए वे बात नहीं कर रहे हैं।