{"_id":"5bde9053bdec222765623b81","slug":"himachal-govt-will-take-help-of-students-to-tackle-problem-of-pollution","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर प्रदूषण कम करने को विद्यार्थियों की मदद लेगी सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर प्रदूषण कम करने को विद्यार्थियों की मदद लेगी सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 04 Nov 2018 11:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिवाली के दौरान पटाखे जलाने से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की मदद लेगी। दिवाली की रात सिर्फ रात आठ बजे से दस बजे तक ही आतिशबाजी चलाने के लिए विद्यार्थियों को स्कूलों में जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन
इस संदेश को अपने अभिभावकों और आस पड़ोस तक पहुंचाने की भी स्कूली बच्चों से अपील की जाएगी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आह्वान पर शिक्षा विभाग ने पटाखों से होने वाले नुकसान से स्कूली बच्चों को अवगत करवाने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग ने दिवाली के दौरान होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पहली बार स्कूली बच्चों का सहयोग लेने का फैसला लिया है। इसके तहत स्कूलों में जाकर बताया जाएगा कि पटाखे जलाने से किस प्रकार वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। इस प्रदूषण के बढ़ने से किस प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।
विज्ञापन
विभाग के अफसरों का मानना है कि बच्चों में पटाखे जलाने का क्रेज अधिक होता है। ऐसे में यदि बच्चों को जागरूक किया जाए तो वह अपने परिजनों और आस पड़ोस में रहने वाले लोगों को भी जागरूक करेंगे। इस प्रक्रिया से वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सकेगा।
शिक्षा विभाग ने जिला उपनिदेशकों को स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा है। इन कार्यक्रमों में स्कूली बच्चों को रात दस बजे से लेकर सुबह छह बजे और साइलेंस जोन में भी पटाखे नहीं जलाने को लेकर जागरूक किया जाएगा। गौर हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने दिवाली पर पटाखे चलाने की अवधि निर्धारित की है।