हर घर को नल और हर खेत को पानी देगी हिमाचल सरकार
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार हर घर को नल और हर खेत को पानी देगी। सरकार ठेके दारों को अब कोई भी पानी की स्कीम नहीं देगी। अभी तक 56 फीसदी बस्तियों को नल उपलब्ध कराए हैं।
राज्य में कुल घरों की संख्या में से 15 फीसदी घरों में नल उपलब्ध हैं। आईपीएच की कोर नेटवर्किंग होगी। सरकार यमुना बांध और किशाऊ में हिमाचल के पानी के हकों की सुरक्षा करेगी। एडीबी की 70 करोड़ से सिंचाई के 17 पायलट प्रोजेक्टों का काम शुरू होगा।
महेंद्र सिंह ने शुक्रवार को आईपीएच विभाग के अधिकारियों की बैठक में डेढ़ साल के कामों की समीक्षा है। कहा कि आईपीएच छह बिंदुओं पर काम करेगा। हर घर को नल देने का प्रावधान करेगा।
हर खेत को पानी देने की व्यवस्था की जाएगी। नाले, खड्डों और नदियों की सफाई करने के साथ इनमें हर साल आने वाली बाढ़ के नियंत्रण का प्रावधान होगा। सीवरेज के पानी की सफाई कर खेत सींचे जाएंगे। फुलवाड़ियों में सिंचाई सुविधा दी जाएगी।
सीवरेज जल साफ करके खेतों में पहुंचेगा
प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ संरक्षण को चेकडैम बनाकर पानी बचाया जाएगा। वर्षा जल संग्रहण को बढ़ावा देकर जल संकट को दूर किया जाएगा।
कहा कि पुराने खराब हैंडपंपों के ऊपरी हिस्सों को निकाला जाएगा, ताकि भू जलस्तर बढ़ाने में मदद मिले।
सरकार ने नए हैंडपंप नहीं लगाने का फैसला लिया है। पिछले साल में काफी कम हैंडपंप लगाए हैं। सरकार डेढ़ इंच तक के पाइप लाइन को जमीन में नहीं दबाएगी, क्योंकि इससे लीकेज का पता नहीं चलता।
शिमला के क्रैगनैनो में सरकार ने एंगलों के साथ नई पाइप लाइन तैयार की है। इससे पानी की लीकेज रुकी है। आईपीएच मंत्री ने कहा कि शिमला में सीवरेज के जल को साफ कर खेतों और फुलवाड़ियों में उपयोग करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा।
सोलन और शिमला के इंजीनियर साझा तौर पर प्रोजेक्ट में काम करेेंगे। यह भी देखा जाएगा कि इस पानी से फसलों पर विपरीत असर तो नहीं पड़ रहा। यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहने पर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। जल स्रोतों में के पास अवैध डंपिंग पर शिकंजा कसा जाएगा।