डॉक्टर को महंगा पड़ा बायोमीट्रिक मशीन लगाने का प्रस्ताव, सरकार ने जारी किया ये आदेश
सचिवालय पीएचसी के एक डॉक्टर को बायोमीट्रिक मशीन से हाजिरी लगाने का स्वास्थ्य महकमे को दिया प्रस्ताव महंगा पड़ गया। स्टाफ के समय पर पीएचसी में नहीं आने से परेशान दूसरे प्रभारी चिकित्सक ने इस बारे में सरकार को आवेदन किया तो उसी शाम को हाथ में सोलन के तबादला आदेश थमा दिए गए। इसके बाद यह चिकित्सक प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में मामला ले गए तो 10 जून तक तक रोक लगा दी है या उपयुक्त जगह बदलने को कहा है।
स्टाफ के समय पर पीएचसी में नहीं आने पर यह चिकित्सक कई बार चेतावनी दे चुके थे। हालांकि, इस पीएचसी में प्रभारी एक अन्य चिकित्सक हैं। जिन चिकित्सक का सोलन के लिए तबादला किया गया है, वह दूसरे स्थान के प्रभारी हैं। अन्य स्टाफ के अक्सर अनुपस्थित रहने और काम का दबाव बढ़ने के चलते ही इस चिकित्सक ने बायोमीट्रिक मशीन में सचिवालय के अन्य स्टाफ की तरह हाजिरी की मांग की थी।
बेनामी शिकायत से प्रताड़ित करने का आरोप
खुद को पीड़ित बता रहे इस चिकित्सक ने प्रशासनिक ट्रिब्यूनल के समक्ष एक बेनामी शिकायत को आधार बनाकर प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस तारीख में बेनामी शिकायत के अनुसार मरीज को नहीं देखने का उन पर आरोप लगाया गया है, उन्हीं तारीखों के बीच वह स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे।
चिकित्सक ने निदेशक की ओर से मंजूर किए गए अवकाश पत्र को भी संलग्न किया है। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी उनकी छुट्टी सेंक्शन कर गए थे, वही इस मामले को इन्कवायर भी कर रहे हैं। यही नहीं, उनका वेतन तक रोका गया है। इस पूरे मामले में प्रतिक्रिया के लिए निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. अजय गुप्ता से संपर्क किया गया, मगर वह उपस्थित नहीं हुए।