फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal govt took u turn on many decision

आनन-फानन में लिए गए कई फैसलों पर सरकार को लेना पड़ा यू टर्न

Sat, 27 Jan 2018 10:31 AM IST
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 27 Jan 2018 10:31 AM IST
विज्ञापन
himachal govt took u turn on many decision

एक महीने के भीतर सरकार के फैसलों के दांव कहीं सीधे पड़े तो कहीं उल्टे। शुरुआती तौर पर लिए गए कुछ फैसलों की तारीफ हुई। लेकिन कई फैसले विवाद का सबब बन गए। 

विज्ञापन


यहां तक कि कुछ मामलों पर सरकार को यू टर्न भी लेना पड़ा। खासकर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्य की नियुक्ति, रिटायरियों और एक्सटेंशन वाले कर्मचारियों को पुनर्नियुक्ति देने के फैसले पर सरकार को स्टैंड बदलना पड़ा। 
विज्ञापन


सरकार बनने के फौरन बाद जयराम सरकार ने एलान किया कि टायर्ड व रिटायर्ड लोगों की सेवाएं सरकार नहीं लेगी। पहली ही कैबिनेट बैठक में ऐसे कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गईं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन निर्णय के कुछ ही दिन बाद सरकार को रोल बैक करना पड़ा। धर्मशाला में हुई अगली कैबिनेट बैठक में सरकार ने गुपचुप तरीके से पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल व शांता कुमार के स्टाफ में रिटायर हो रहे कर्मचारियों को एक्सटेंशन दे दी। 

इसके अलावा 13वें वित्त आयोग में ओएसडी रहे एक अधिकारी को भी पुनर्नियुक्ति देते हुए 14वें वित्त आयोग में ओएसडी बना दिया। जयराम सरकार यहीं नहीं रुकी। 

सरकार ने इसके बाद पूर्व मुख्य सचिव के निजी सचिव व ट्रेजरी में तैनात एक कर्मचारी को भी एक्सटेंशन दे दी। रिटायरियों को पुनर्नियुक्ति और एक्सटेंशन देने के फैसले के बाद सरकार की खासी किरकिरी भी हुई।

पटवारियों पर भी पलट गई सरकार

himachal govt took u turn on many decision

रिटायरियों की बर्खास्तगी के फैसले पर सरकार की खासी फजीहत हुई। सरकार ने एक साथ हजार से ज्यादा पटवारियों को एक्सटेंशन देने के फैसले को निरस्त कर दिया। नतीजा यह हुआ कि वाहवाही के बजाय लोग कामकाज रुकने से त्राहि-त्राहि करने लगे। सरकार को आनन-फानन में अपने फैसले को पलटना पड़ा और नई नियुक्ति होने तक रिटायर्ड पटवारियाें को नियुक्ति देने का एलान करना पड़ा। 

सोशल मीडिया पर मजाक बन गया फैसला 
सरकार के फैसलों पर विवाद भी हुआ। सरकार ने गुपचुप तरीके से प्रदेश लोक सेवा आयोग में सदस्य के दो नए पद सृजित कर दिए। यही नहीं, एक पद के सृजन की नोटिफिकेशन के दिन ही नियुक्ति आदेश और शपथ ग्रहण भी करा दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने जयराम सरकार का मजाक तो बनाया, साथ ही कोर्ट तक में इस आदेश को चुनौती देने की बात कही।
---

डीजी सोमेश गोयल को हटाने पर उठे सवाल

himachal govt took u turn on many decision

गुड़िया प्रकरण के बाद हुई किरकिरी के बीच पुलिस की छवि सुधारने का प्रयास कर रहे डीजी सोमेश गोयल को हटाने पर भी सवाल उठे। पुलिस एक्ट के अनुसार डीजीपी को दो साल से पहले नहीं हटाया जा सकता।

लेकिन किन्हीं कारणों से सरकार ने सोमेश गोयल को हटा उनके जूनियर डीजी सीता राम मरडी को डीजीपी बना दिया। इस फैसले को लेकर भी अफसरशाही में खासी चर्चा हुई।

पहले तबादला, फिर संशोधन
जयराम सरकार ने पिछले एक महीने के भीतर सैकड़ों अफसरों के तबादले कर डाले, लेकिन अव्यवस्थित तरीके से किए गए तबादलों में से कई मामलों में सरकार को संशोधन आदेश जारी करने पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed