{"_id":"528f11f71a925a8b57fe597572245de6","slug":"himachal-govt-takes-no-step-to-counter-disaster-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश में भगवान भरोसे आपदा प्रबंधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश में भगवान भरोसे आपदा प्रबंधन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 17 Aug 2014 01:15 PM IST
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से लगातार एक के बाद दूसरी मौत हो रही है। रोजाना करोड़ों रुपये की क्षति हो रही है, लेकिन प्रदेश की जनता के जख्म पर मलहम लगाने वाला कोई नहीं है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं, जबकि राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर का मोबाइल बंद पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन तरुण श्रीधर हिमाचल में है या प्रदेश से बाहर। इसकी कोई जानकारी नहीं। तस्वीर यह है कि राज्य स्तर पर यह बताने वाला तक कोई नहीं कि आपदा से प्रदेश में कितनी की क्षति हुई है। कितने लोगों की जानें आपदा से गई है।
विज्ञापन
अमर उजाला की टीम ने सबसे पहले प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन तरुण श्रीधर से उनके मोबाइल पर संपर्क किया। सूबे में हुई आपदा के बारे में जानना चाहा, लेकिन उन्होंने फोन नहीं रिसीव किया। उन्हें मैसेज भी किया, लेकिन उनका कोई भी जवाब नहीं आया।
विज्ञापन
इसके बाद मंत्री कौल सिंह ठाकुर के मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उनका नंबर बंद गया। इसके बाद स्टेट कंट्रोल रूम के नंबर 262204 पर संपर्क किया, लेकिन यहां पर भी कोई जवाब नहीं मिला। कंट्रोल रूम से बताया गया कि दो दिन पहले की ही सूचना कंट्रोल रूम में है।
सबसे आखिर में विशेष सचिव सेलबल से उनके मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे अभी आपदा के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मै दफ्तर में नहीं हूं।