फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal govt schools negligence did not spent building and sports fund

हिमाचल के स्कूल प्रबंधनों की लापरवाही, खर्च नहीं पाए करोड़ों रुपये

Tue, 01 May 2018 12:41 PM IST
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
हितेश शर्मा, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर) Updated Tue, 01 May 2018 12:41 PM IST
विज्ञापन
himachal govt schools negligence did not spent building and sports fund

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2009 से पहले विद्यार्थियों से संचायिका सहित बिल्डिंग, स्पोर्ट्स, मैगजीन और रेडक्रॉस के नाम पर जुटाए गए करोड़ों रुपये स्कूल प्रबंधनों की लापरवाही से खर्च ही नहीं हो पाए हैं। यहां तक कि कई स्कूलों ने संचायिका राशि तक बच्चों को नहीं लौटाई है। अब यह राशि शिक्षा निदेशालय के खाते में जमा करवाई जाएगी।

विज्ञापन


साल 2009 में आरटीई एक्ट लागू होने से पहले स्कूली बच्चों से संचायिका सहित कई तरह के फंड एकत्रित किए जाते थे। हालांकि, संचायिका की राशि पास आउट बच्चों को लौटा दी जाती थी लेकिन, कुछेक स्कूल ऐसे भी हैं जहां पर बच्चों ने अपनी संचायिका राशि नहीं ली है। बैंकों में जमा करोड़ों की यह राशि ब्याज जोड़कर अब कई गुना बढ़ गई है, जिसे शिक्षा निदेशालय के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन

आरटीई एक्ट के बाद फंड लेने पर लगी रोक

himachal govt schools negligence did not spent building and sports fund

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने बताया कि शिक्षा विभाग की मुहिम के तहत फंड (अनस्पेंड अमाउंट) राशि एकत्रित की जा रही है। पूरे प्रदेश के स्कूलों से यह राशि 20 करोड़ से अधिक हो सकती है। शिक्षा उपनिदेशकों को इस बारे में पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं।

सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों से कई तरह से फंडों की वसूली की जाती थी। स्कूल के पास सारे फंड की राशि एकत्रित होने के बाद इसे समय समय पर बैंकों में जमा कर दिया जाता था।

प्रदेश में 2009 में आरटीई (राइट टू एजुकेशन) एक्ट आने के बाद फंड वसूली पर रोक लग गई। यह सारे फंड 2009 से पहले के ही हैं। 2009 से पहले कई सालों से फंड के नाम पर वसूली होती रही। लेकिन, फंड को खर्च ही नहीं किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed