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अमर उजाला खबर का असर: सेब के सूखे पौधों को लेकर सरकार ने बैठाई जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 13 Oct 2018 01:23 PM IST
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बागवानी मिशन के तहत आयात किए गए करोड़ों के सूखे सेब के पौधों को लेकर सरकार ने जांच बैठा दी है। सरकार यह पता लगाएगी कि आयात किए सेब के पौधे पहले सूखे थे या फिर लापरवाही के कारण सूखे हैं। करीब 1134 करोड़ का बागवानी मिशन का प्रोजेक्ट संदेहों के घेरे में है। सरकार की चिंता इस बात को लेकर भी बनी हुई है कि कहीं विश्व बैंक इस प्रोजेक्ट को लेकर कहीं संशय की स्थिति पैदा न कर दे।
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राज्य सरकार के सूत्रों से मालूम हुआ है कि सरकार ने मिशन के तहत विदेशों से आयात किए 7 लाख 55 हजार सेब के पौधों को लेकर जांच बैठा दी है। इनमें 3.76 लाख सेब के पौधे कोल्ड स्टोर में रखे गए हैं। विदेश से आयात किए पौधों की कीमत 12 करोड़ है। सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि जांच करते समय यह देखा जाए कि जो सेब के पौधे आयात किए गए हैं, क्या वे कहीं पहले से ही सूखे तो नहीं थे। या फिर विदेश से आयात करने के बाद सूखे हैं।
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पूर्व कांग्रेस सरकार ने बागवानी मिशन के तहत विश्व बैंक की वित्तीय मदद से खरीदे गए से करोड़ों रुपये के सेब के पौधे आयात किए हैं। इन सेब के सूखे पौधों में से एक खेप ज्यूरी फार्म में उगाई गई हैं। इनमें से अधिकांश पौधे सूखे हुए हैं।
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बागवानी एवं आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने साफ शब्दों में कह दिया है कि पौधे आयात करने में कोताही करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि आयात किए सेब के पौधों में तीस फीसदी पौधे सूखे हुए थे। सेब के पौधे अधिक मात्रा में आयात किए गए थे और इनको रोपने के लिए बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग के पास जमीन तक उपलब्ध नहीं थी।