बर्फबारी से निपटने के लिए हिमाचल सरकार ने तैयार किया प्लान
लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मनाली, चंबा और जिला शिमला में ज्यादा बर्फबारी होती है। इन जिलों में ज्यादातर सड़कें यातायात के लिए बाधित रहती हैं। सरकार ने आवाजाही वाले क्षेत्रों को सेक्टर में बांटने के लिए कहा है। शिमला शहर में 4 सेक्टर बनाए गए हैं।
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बर्फबारी से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है। सड़कों पर यातायात बहाल करने के लिए वैली की साइड बर्फ गिराई जाएगी, जिससे पानी इकट्ठा न हो और सड़क पर कोहरा न जम सके। बर्फबारी बंद होने के बाद ही सड़क को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा। 20 मीटर दूरी पर रेत गिराया जाएगा। बर्फबारी में भी वाहनों की आवाजाही ज्यादा समय न रुके, इसके लिए सड़क में रेत और रस्सी का जाल बिछाया जाएगा। जिला प्रशासन स्तर पर भी बर्फबारी से निपटने के लिए बैठकें करने के लिए कहा गया है। लाहौल-स्पीति, कुल्लू, मनाली, चंबा और जिला शिमला में ज्यादा बर्फबारी होती है। इन जिलों में ज्यादातर सड़कें यातायात के लिए बाधित रहती हैं। सरकार ने आवाजाही वाले क्षेत्रों को सेक्टर में बांटने के लिए कहा है। शिमला शहर में 4 सेक्टर बनाए गए हैं।
एसडीएम शहरी मनजीत को कार्य की निगरानी करने का जिम्मा सौंपा है। नेशनल हाइवे-205, क्रॉसिंग- कच्चीघाटी, तवी मोड़, बाजूगंज बाजार और आईएसबीटी में सड़कें ज्यादा समय तक बंद रहती हैं। इसके अलावा नेशनल हाइवे और राज्यमार्गों को यातायात बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग को जेसीबी, डोजर की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। बर्फबारी होने के दौरान लोनिवि का कर्मचारी छुट्टी पर नहीं जा सकेगा। लोक निर्माण विभाग प्रधान सचिव सुभाषीश पांडा ने कहा कि बर्फबारी को लेकर जिला उपायुक्तों को बैठकें करने के लिए कहा गया है। दिन-रात सड़कों से बर्फबारी हटाने का काम होगा। इसके लिए विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभाग में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाना है, जहां लोग शिकायत कर सकेंगे।