पूर्व आईएएस के खिलाफ चल रहे केस पर ये फैसला ले सकती है सरकार
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राजनीतिक बदले की भावना से दर्ज मामलों को वापस लेने में सरकार ने कसरत तेज हो गई है। एचपीसीए मामले में भाजपा सरकार पूर्व आईएएस अधिकारी दीपक सानन पर कार्रवाई के लिए दी गई अभियोजन मंजूरी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सानन के खिलाफ दर्ज मामले पर निर्णय लेने के लिए सरकार ने विधि विभाग को फाइल भेजी है। विधि विभाग की सलाह के बाद इस पर फैसला लिया जाना है। सूत्रों के अनुसार जयराम सरकार इस केस को खत्म करने से पहले इस मामले में दी गई अभियोजन मंजूरी को वापस लेने के पक्ष में हैं।
साथ ही आईएएस अधिकारी डॉ. अजय शर्मा पर कार्रवाई के लिए दी गई अभियोजन मंजूरी को वापस लिया जाना है। इस मामले में 1982 बैच के आईएएस दीपक सानन पर आरोप हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार में राजस्व विभाग में रहते हुए एचपीसीए को लैंड यूज चैंज करने
की मंजूरी दी, जबकि इन्हें इसके लिए तत्कालीन कैबिनेट से मंजूरी लेनी चाहिए थी। वहीं, अजय शर्मा खेल विभाग में निदेशक के पद पर तैनात थे। इस मामले में कार्रवाई करने के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार ने अभियोजन मंजूरी दी।
सुप्रीम कोर्ट में मामले, फंस सकता है पेच
इसके अलावा पीसी एक्ट में 13 बी के तहत कार्रवाई करने के लिए केंद्र से अभियोजन मंजूरी मांगी थी। केंद्र ने इस अभियोजन मंजूरी को देने से इंकार कर दिया था। पूर्व सरकार ने आईपीसी की 120 बी और सीआरपीसी की धारा 197 के तहत कार्रवाई करने की मंजूरी दी थी।
राज्य सरकार अभियोजना मंजूरी वापस लेने की तैयारी कर रही है, लेकिन फिलहाल मामला सुप्रीमकोर्ट में चल रहा है। ऐसे में प्रकरण में राज्य सरकार अभी कोई भी निर्णय लेना आसान नहीं है। इस पक्ष पर भी सरकार विधि विभाग से राय मांग रही है।