हिमाचल के ग्रीष्मकालीन स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव की तैयारी
प्रदेश के ग्रीष्मकालीन सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव होने जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 से पहली बार अप्रैल में दी जाने वाली 10 दिनों की छुट्टियों के आदेश को लागू करने से पहले ही संशोधित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
अप्रैल महीने में दी जाने वाली दस दिनों की छुट्टियों में कटौती कर आधी छुट्टियों को बरसात के दौरान देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय का यह प्रस्ताव जल्द ही प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इस साल जनवरी में निदेशालय ने आदेश जारी कर ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले सरकारी स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2019-20 से जनवरी महीने में सर्दियों की दस दिनों की छुट्टियां नहीं देने का एलान किया था।
आदेशों को संशोधित करने की तैयारी
विधायक प्राथमिकता बैठक में मामला उठने के बाद सरकार ने छुट्टियों में बदलाव किया। नए शैक्षणिक सत्र में पहली अप्रैल से 10 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन स्कूलों में दस दिनों की वसंत की छुट्टियों देने का सरकार ने फैसला लिया था।
अब इन आदेशों को संशोधित करने की तैयारी शुरू हो गई है। नए प्रस्ताव के तहत अप्रैल में सिर्फ पांच दिन की छुट्टियां दी जाएंगी। शेष पांच छुट्टियों को बरसात की छुट्टियों में शामिल किया जाएगा।
हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर के सभी स्कूलों सहित कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और चंबा जिला के कुछ क्षेत्रों में ग्रीष्मकालीन स्कूल हैं। कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर और चंबा के पांगी-भरमौर में सभी स्कूल शीतकालीन छुट्टियों वाले हैं। इन जिलों की छुट्टियों में बदलाव करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
छुट्टियों में बदलाव करने का यह है तर्क
छुट्टियों में बदलाव करने की तैयारी में जुटे उच्च शिक्षा निदेशालय ने तर्क दिया है कि अप्रैल के पहले हफ्ते में दसवीं और जमा दो की बोर्ड परीक्षाओं के पेपर चैक किए जाते हैं। कई शिक्षकों की इसमें ड्यूटी लगती है।
अगर पहली से दस अप्रैल तक छुट्टियां रहेंगी तो पेपर चैक करवाने में दिक्कत पेश आएगी। इस कारण छुट्टियों को कम किया जा रहा है। इसके अलावा बरसात के सीजन में कई बार स्कूल बंद करने पड़ते है। ऐसे में इस स्थिति से निपटने के लिए बरसात की छुट्टियां बढ़ाई जानी चाहिए।