इतने करोड़ रुपये का कर्ज लेकर कर्मचारियों को अंतरिम राहत देगी सरकार
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हिमाचल सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों को अंतरिम राहत (आईआर) देने के लिए एक माह में दूसरी बार 500 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। आठ फीसदी अंतरिम राहत देने के लिए 700 करोड़ रुपये की दरकार है।
सरकार ने 1 जनवरी 2016 से देय अंतरिम राहत मार्च 2018 में देने का एलान किया है। वित्त विभाग ऋण के लिए आरबीआई में आवेदन कर अपनी प्रतिभूतियों की नीलामी की औपचारिकताएं पूरा करने में जुट गया है।
जयराम सरकार ने बीते 19 जनवरी को भी 500 करोड़ का ऋण लिया था। इसके बाद कर्मचारियों को 3 फीसदी डीए का भुगतान किया गया। इसी बीच, हिमाचल दिवस पर सरकार ने साढ़े तीन लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को अंतरिम राहत का बकाया देने का एलान कर दिया।
इस वित्तीय वर्ष में पूर्व कांग्रेस सरकार 3300 करोड़ और जयराम सरकार 500 करोड़ का ऋण पहले ही ले चुकी है। वीरभद्र सरकार पर ऋण को लेकर निशाना साधने वाली भाजपा ने सत्ता संभालने के बाद इस परंपरा को जारी रखा है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार पर अब तक 38000 करोड़ का ऋण हो चुका है।
47 हजार करोड़ के कर्ज में डूबा प्रदेश
हिमाचल पर बीते एक दशक में 32 हजार करोड़ का ऋण बढ़ा है। वर्ष 2008-09 में 15,247 हजार करोड़ का ऋण अब 47 हजार करोड़ पहुंच गया है। भाजपा सरकार ने विपक्ष में रहते हुए प्रदेश पर बढ़ते ऋण के लिए वीरभद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा था।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में लिया ऋण
माह ऋण (करोड़ में)
19 मई 500
7 जुलाई 500
18 अगस्त 800
22 सितंबर 700
17 नवंबर 300
30 नवंबर 500
19 जनवरी 500
लोन के पैसों से 3500 से 7000 बढ़ेगी वेतन
प्रदेश के पौने तीन लाख नियमित कर्मचारियों को मार्च महीने में 3500 रुपये से लेकर 7000 रुपये तक तनख्वाह बढ़कर मिलेगी। मंत्रिमंडल ने शनिवार को प्रदेश के नियमित सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनरों को 8 प्रतिशत अंतरिम राहत जारी करने को स्वीकृत दी।
यह 8 प्रतिशत अंतरिम राहत राशि फरवरी के वेतन के साथ 1 मार्च 2018 को देय होगी। 1 जनवरी 2016 से लेकर 31 जनवरी 2018 तक का एरियर कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में जमा किया जाएगा।
इस अवधि या नई पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अंतरिम राहत एरियर की राशि का भुगतान एक मुश्त 1 मार्च 2018 को नकद देय होगा। सरकार द्वारा कर्मचारियों तथा पेंशनरों को दिया जाने वाला यह 700 करोड़ रुपयों का वित्तीय लाभ सबसे बड़ा वित्तीय लाभ है।