मंत्रियों की गाड़ियों पर सरकार की लगाम, बीस साल पुराने आदेश पलटे
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जनता के पैसे से हिमाचल की सड़कों पर सरपट भागतीं मंत्रियों की गाड़ियों पर जयराम सरकार ने लगाम डाल दी है। राज्य सरकार का सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) अब मंत्रियों को उनके साथ अटैच दूसरे वाहन के लिए पेट्रोल खर्च नहीं देगा। इसके लिए बीस साल पुराने आदेश पलट दिए गए हैं।
यह फैसला गाड़ियों पर हो रहे अंधाधुंध खर्च के मद्देनजर लिया गया है। अब तय हुआ है कि जीएडी केवल एक ही वाहन में पेट्रोल भरेगा। जीएडी की ओर से मंत्रियों को केवल एक-एक गाड़ी ही इस्तेमाल को दी गई है।
किसी भी मंत्री के साथ दूसरी गाड़ी उनके संबंधित विभाग की ही रहती है और उसमें भी पेट्रोल भरने को बिल जीएडी को ही थमाए जाते हैं। इससे पेट्रोल भरने में ही जीएडी का काफी बजट खर्च हो जाता है। हाल ही में जीएडी ने यह मामला सरकार के समक्ष चर्चा के लिए रखा।
मंत्री अपने विभागों के पैसे से ही भरें पेट्रोल
मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति मिलने के बाद जीएडी ने मंत्रियों की गाड़ियों पर लगाम डालने के नए कार्यालय आदेश जारी किए हैं। इसके लिए 27 मई 1997 के कार्यालय आदेश को पलटा गया है। नए आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव आरएन बत्ता की ओर से जारी हुए हैं।
मंत्रियों के साथ अटैच दूसरी गाड़ियों का टूर के दौरान रिपेयर का खर्च खुद संबंधित विभाग ही उठा रहे हैं और वे केवल पेट्रोल खर्च ही जीएडी से लेते रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि जीएडी के इंकार करने के बाद जब मंत्रियों की तरफ से पेट्रोल खर्च पर स्थिति साफ करने को कहा गया तो इस पर आदेश जारी हुए हैं कि वे अपने विभागों के पैसों से ही पेट्रोल भरें। इस आदेश से वित्त विभाग भी सहमत है।