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अब 150 क्विंटल तक दालें रख सकेंगे व्यापारी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 12 Feb 2016 09:28 AM IST
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हिमाचल सरकार सूबे के हजारों कारोबारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। अब व्यापारी 100 के बजाय 150 क्विंटल तक दालों का भंडारण कर सकेंगे। सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर खाद्य आपूर्ति विभाग को अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं।
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सूबे के व्यापारी इस सिलसिले में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिले थे। सीएम ने उन्हें भंडारण क्षमता बढ़ाने का आश्वासन दिया था। खाद्य आपूर्ति विभाग ने करीब छह महीने पहले 30 के बजाए 20 क्विंटल दालें रखने के लिए भंडारण लाइसेंस जरूरी कर दिया था। इसकी अधिकतम सीमा 100 क्विंटल रखी गई थी।
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बीस क्विंटल दालों के भंडारण के लिए लाइसेंस अब भी जरूरी होगा लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 100 क्विंटल से बढ़ाकर 150 क्विंटल कर दी है। यानी लाइसेंस धारक व्यापारी 150 क्विंटल तक दालों का स्टॉक रख सकेगा।
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स्टोर में तय क्षमता से अधिक स्टॉक रखने पर व्यापारियों के चालान किए जाएंगे। हिमाचल व्यापार मंडल के अध्यक्ष मदन लाल खुराना ने कहा कि सरकार का फैसला कारोबारी हित में है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक प्रियतू मंडल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दालों की भंडारण क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकार से इस बारे पत्र आ चुका है। अधिकतम सीमा को 100 से बढ़ाकर 150 क्विंटल करने को कहा है। इसी सप्ताह अधिसूचना जारी की जा रही है।
मार्च से छह महीने तक समय पर मिलेगी सस्ती चीनी- सूबे के राशन कार्ड धारकों को मार्च से छह महीने तक अब समय पर सस्ती चीनी का कोटा मिलेगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने चीनी के टेंडर अलॉट कर दिए हैं। छह कंपनियों ने चीनी के टेंडर में भाग लिया, जिनमें से सबसे कम रेट वाली दो कंपनियों को जोन वाइज टेंडर मिला है।
जोन ए में सोलन, नाहन, शिमला और जोन बी में अन्य जिलों को शामिल किया गया है। दोनों कंपनियां अपने-अपने जोन में मार्च से सप्लाई देना शुरू कर देंगी। इसकी पुष्टि खाद्य आपूर्ति विभाग के निदेशक प्रियतु मंडल ने की है। यह टेंडर छह महीने के लिए किए गए हैं।
खाद्य आपूर्ति निगम ने पहले जिस कंपनी को टेंडर सौंपा था, उसका टेंडर फरवरी में खत्म हो रहा है। बीते महीने से उपभोक्ताओं को डिपुओं में समय पर चीनी नहीं मिल पाई है। इसके चलते खाद्य आपूर्ति विभाग ने जोन वाइज दो कंपनियों को सप्लाई का जिम्मा सौंपा है ताकि उपभोक्ताओं को समय पर चीनी मिल सके।