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लिपिकों से वरिष्ठ सहायक पदोन्नति को सेवा शर्त कम करने पर सरकार राजी
Fri, 21 Dec 2018 01:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 21 Dec 2018 01:49 PM IST
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हिमाचल प्रदेश सरकार
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मुख्य सचिव, आला अफसरों और प्रदेश सचिवालय कर्मचारी संघ के बीच हुई वीरवार को हुई मैराथन बैठक में लिपिकों को वरिष्ठ सहायकों की पदोन्नति के लिए सेवा शर्त दस साल से घटाकर 7 साल करने पर लंबी चर्चा हुई। चीफ सेक्रेटरी बीके अग्रवाल ने अफसरों को इस मामले को गंभीरता से लेने को कहा। उन्होंने संगठन को आश्वस्त किया कि जल्द सरकार कर्मचारियों को राहत देगी। एजेंडे में कर्मचारियों की 19 डिमांड थी, जिन्हें सरकार ने पूरा करने का आश्वासन दिया।
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संगठन के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि मुख्य सचिव को बताया कि लिपिकों को वरिष्ठ सहायकों की पदोन्नति के लिए सेवा शर्त दस साल से घटाकर सात साल करने पर सरकार छूट देते है तो इससे 303 पदों को भरने का रास्ता साफ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समय समय पर सेवा शर्त में छूट देती रही है। करीब तीन साल से यह मामला लंबित चल रहा है।
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इसके अलावा उन्होंने अनुबंध कर्मचारियों को राजधानी भत्ता देने, मंत्रियों कार्यालय में एसओ के साथ 11 सुपरिंटेंडेंट के पद भरने, शाखाओं का आधुनिकीकरण करने का भी मामला उठाया। उन्होंने अनुबंध कर्मचारियों को रेगुलर होने पर दो साल के प्रोबेशन अवधि को खत्म करने, इस्टेट विभाग के कर्मचारियों को सचिवालय भत्ता, हिमाचल लोकसेवा आयोग में संयुक्त सचिव, राजभवन में अनुभाग अधिकारी, लोकसेवा आयोग में सुपरिंटेंडेंट के पदों को भरने सहित अन्य मांगों को भी उठाया।
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मुख्य सचिव ने कर्मचारी संगठन को भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की यह मांगें जायज हैं, कुछ मांगों को मंत्रिमंडल की बैठक में ले जाया जाएगा। कर्मचारियों की सभी मांगे एक एक करके पूरी की जाएगी।
इन मांगों पर भी बनी सहमति
- सचिवालय में रिक्त पदों को भरा जाना
- फर्नीचर की व्यवस्था
- अध्यक्ष उपाध्यक्ष के लिए अलग से स्टाफ की व्यवस्था
- सचिवालय कर्मचारियों के लिए अलग से बस सुविधा