आदेश दरकिनार कर छुट्टियों पर जा रहे आईपीएच कर्मी, सरकार ने दी चेतावनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार के आदेशों को दरकिनार कर आईपीएच महकमे के कर्मचारी छुट्टी पर जा रहे हैं। सरकार की सख्ती के बाद इस पर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य महकमा तल्ख हो गया है। विभाग ने सभी अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं को चेतावनी देते हुए आदेश जारी किए हैं कि तमाम कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।
अप्रैल महीने की शुरुआत में ही हिमाचल प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर हाहाकार मच गया है। शहरी क्षेत्र हों या ग्रामीण इलाके, तमाम जगहों पर पीने के पानी की भारी कमी चल रही है। पेयजल स्रोतों में 25 से 30 फीसदी तक पानी कम हो चुका है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई प्रमुख हिस्सों में भी पेयजल की समयबद्ध और पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
राज्य सरकार के सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी ने सभी अधीक्षण और अधिशासी अभियंताओं को चार अप्रैल को एक पत्र जारी किया है, जिसके अनुसार जनवरी माह से विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियों संबंधी आदेश को कड़ाई से लागू करने होंगे।
आदेश की एक प्रति हिमाचल सचिवालय में प्रधान सचिव आईपीएच के कार्यालय को भेजी गई है। प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी ने कहा कि जनवरी महीने से इस बार पेयजल आपूर्ति की समस्या चल रही थी। उसी दौरान एक आदेश जारी किया गया था कि विभाग के तमाम कर्मचारियों के अवकाश रद्द किए जाएं।
निचले क्षेत्रों में बारिश से राहत
उन्होंने माना कि बीच में इन आदेशों की अनुपालना करने में कई जगहों पर कोताही बरती जा रही थी। अब गर्मियों के साथ जैसे ही पेयजल संकट बढ़ गया है, वैसे ही दोबारा से ये आदेश लागू करने को कहा गया है।
आईपीएच विभाग के प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी का कहना है कि विशेष कारणों से ही कर्मचारियों को छुट्टियां मंजूर होंगी। लोगों को पेयजल पर्याप्त और समय पर मिले। ऐसा इसलिए ही किया गया है। विभाग ने जनवरी महीने के आदेशों को ठीक से लागू करने के लिए चार अप्रैल को अधीनस्थ अधिकारिशें को दोबारा पत्र भेजे हैं, जो उन तक पहुंच रहे हैं।
आईपीएच विभाग के प्रमुख अभियंता अनिल बाहरी ने कहा है कि प्रदेश के निचले क्षेत्रों में बारिश से लोगों को कुछ राहत मिली है। उन्होंने कहा कि बारिश से पेयजल स्रोतों में पानी की मात्रा के कुछ बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।