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सरकारी खर्चों पर लगाम के लिए जयराम सरकार की एक और पहल

Wed, 18 Apr 2018 08:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Wed, 18 Apr 2018 08:59 AM IST
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Himachal govt directions no expenses on shawls and flowers in school programmes

सरकारी खर्चों पर लगाम के लिए जयराम सरकार ने एक और पहल की है। सरकारी स्कूलों में होने वाले किसी भी तरह के कार्यक्रमों में मुख्यातिथि, नेताओं और अफसरों को शॉल- टोपी, गुलदस्ते और फूलमालाएं देने पर पूर्ण रोक लगा दी है। 

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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सभी स्कूल प्रधानाचार्यों और हेडमास्टरों को आदेश जारी करते हुए इस रिवायत को तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल मुखिया चाहें तो इस पैसे को जनहित के लिए मुख्यमंत्री राहत कोश में जमा करवा सकते हैं। 
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शिक्षा मंत्री ने कहा है कि स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों में मुख्य अतिथियों को सम्मानित करने से प्रबंधन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। इसकी कोई जरूरत नहीं होती है।
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स्कूल प्रबंधन चाहे तो मोमेंटो दे सकते हैं। अन्य खर्चों पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। अब समारोहों में किसी को सम्मानित नहीं किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि चाहे मैं खुद या कोई भी मंत्री-विधायक हो, सबके लिए यह आदेश लागू होंगे। 

एक कार्यक्रम में 5 से 10 हजार तक खर्चा 
स्कूलों में हर साल कई कार्यक्रम होते हैं। इनमें मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और अधिकारी शामिल होते हैं। मुख्य अतिथियों व विशेष अतिथियों को शॉल-टोपी, गुलदस्ते, फूलमालाएं और अन्य स्वागत में पांच से 10 हजार रुपये तक खर्च आता है।


इन अनावश्यक खर्चों को रोकने के लिए शिक्षा मंत्री ने नई व्यवस्था शुरू करने को कहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर खुद अपने मंत्रियों की फिजूलखर्ची पर रोक लगा चुके हैं। 

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