{"_id":"5d4fc1178ebc3e6d234f578a","slug":"himachal-govt-directions-for-certificates-to-weaker-sections-in-state","type":"story","status":"publish","title_hn":"कमजोर वर्गों के लिए प्रमाणपत्र जारी होने में देरी पर सरकार तल्ख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमजोर वर्गों के लिए प्रमाणपत्र जारी होने में देरी पर सरकार तल्ख
Sun, 11 Aug 2019 12:47 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 11 Aug 2019 12:47 PM IST
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोदी सरकार की ओर से बनाई गई आरक्षण की नई आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी के प्रमाणपत्र जारी होने में होने वाली देरी पर जयराम सरकार ने सख्त नाराजगी जताई है। कार्मिक विभाग ने सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि इस श्रेणी के प्रमाण पत्रों को जारी करने में देरी न की जाए।
विज्ञापन
साथ ही प्राथमिकता के आधार पर इन प्रमाणपत्रों को जारी करने के लिए वेरिफिकेशन करवाई जाए। सरकार ने प्रमाणपत्र जारी होने में देरी होने की शिकायतों के बाद यह निर्देश जारी किए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले लोकसभा चुनाव से पहले आर्थिक आधार पर सामान्य श्रेणी के गरीबों को आरक्षण देने की व्यवस्था की थी। इसके तहत दस प्रतिशत आरक्षण दिया गया।
विज्ञापन
प्रदेशों ने भी नौकरियों और सरकारी कॉलेजों में दाखिले में यह व्यवस्था लागू कर दी। व्यवस्था लागू होने के बाद राजस्व विभाग ने जुलाई में प्रोसीजर निर्धारित कर आय व संपत्ति के सर्टिफिकेट का फार्मेट भी जारी कर दिया, जिन्हें प्रूफ के तौर पर भर्ती के दौरान लगाया जा सकता था, लेकिन केंद्रीय कार्मिक एवं जन शिकायत निवारण विभाग के सचिव के पास बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची।
विज्ञापन
इनमें बताया गया कि स्थानीय अधिकारी प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं। शिकायतों पर मंत्रालय ने प्रदेश को पत्र लिखकर सख्त नाराजगी जताई। केंद्र की नाराजगी के बाद कार्मिक विभाग ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि वेरिफिकेशन करने के बाद प्राथमिकता देते हुए उनके प्रमाणपत्र जारी किए जाए।