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धूमल के आए अच्छे दिन, नहीं चलेगा अब केस!

Wed, 25 Mar 2015 08:19 AM IST
Updated Wed, 25 Mar 2015 08:19 AM IST
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Himachal governor kalyan singh declines Dhumal's prosecution for graft.

लगता है राज्यपाल कल्याण सिंह के पदभार संभालने के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल के लिए अच्छे दिन आ गए हैं। एक दिलचस्प घटनाक्रम में कार्यकारी राज्यपाल कल्याण सिंह ने एएन शर्मा मामले का चालान कोर्ट में पेश होने के बावजूद इस मामले के आरोपी धूमल पर केस चलाने की मंजूरी देने से इंकार कर दिया है।

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जबकि पूर्व राज्यपाल ने यह मामला राज्य सरकार पर छोड़ दिया था। पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा को सेवा विस्तार देने के मामले में धूमल पर मुख्यमंत्री रहते पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए विजिलेंस ने उन्हें आरोपी बनाया था। मामले की चार्जशीट अभियोजन मंजूरी को तत्कालीन राज्यपाल उर्मिला सिंह को भेजी गई थी।

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पूर्व राज्यपाल ने ये कहा था

Himachal governor kalyan singh declines Dhumal's prosecution for graft.

लेकिन उर्मिला सिंह ने पूर्व के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पर सरकार अपने स्तर पर फैसला ले सकती है। इसके बाद सरकार ने धूमल पर मुकदमा चलाने का फैसला लेते हुए इस मामले का चालान 13 मार्च की सुबह कोर्ट में पेश कर दिया था। हैरत की बात है कि विजिलेंस ब्यूरो ने चालान पेश करने के बावजूद उस दिन मीडिया को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।

सूत्र बताते हैं कि चालान पेश होने के बाद 13 मार्च को ही कार्यकारी राज्यपाल कल्याण सिंह ने दोपहर में विजिलेंस ब्यूरो से इस मामले की फाइल आनन-फानन में जयपुर मंगवा ली। कल्याण सिंह ने पूर्व राज्यपाल का फैसला पलटते हुए इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री धूमल पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इंकार कर दिया।

'मामला तो अब कोर्ट चला गया'

Himachal governor kalyan singh declines Dhumal's prosecution for graft.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस मामले का चालान पहले ही कोर्ट में पेश किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट के समय-समय पर आए फैसलों पर गौर करने के बाद ही ये निर्णय लिया गया। अब मामला अदालत के अधिकार क्षेत्र में है।

उन्होंने कहा कि पहले गवर्नर उर्मिला सिंह ने कहा था कि इस मामले में अभियोजन मंजूरी की जरूरत नहीं है। उसके बाद चालान कोर्ट में प्रस्तुत किया गया। इसी बीच राज्यपाल कल्याण सिंह ने इस मामले की फाइल वापस मांगी थी। उन्होंने इसी फाइल में अब डिनाई किया है।

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'मुझ पर दो बार मुकदमे चलाए गए'

Himachal governor kalyan singh declines Dhumal's prosecution for graft.

वीरभद्र सिंह ने आगे कहा कि उन पर खुद दो बार भाजपा शासनकाल में मुकदमे चलाए गए। एक मामले में अभियोजन मंजूरी तत्कालीन राज्यपाल सूरजभान और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गुलाब सिंह ठाकुर से मांगी गई थी। दूसरे मामले में अभियोजन मंजूरी लेना जरूरी नहीं समझा गया। उस समय वह केंद्र में मंत्री थे। इसके बावजूद ऐसा किया गया। जहां तक राजभवन को फाइल भेजने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात है तो उन्होंने कोई जुर्म नहीं किया है। राजभवन से अभियोजन मंजूरी ही मांगी थी।

उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारी के एक बार सेवामुक्त होने के बाद दूसरी बार आईपीएस अधिकारी बनाने का ही मामला उचित नहीं था। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने कहा कि अभियोजन मंजूरी की फाइल पर राज्यपाल ने क्या लिखा है और क्या नहीं। इसकी तो मुझे कोई जानकारी नहीं। इस पूरे घटनाक्रम से यह बात साफ हो गई है कि हिमाचल में राजनीति से प्रेरित होकर मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

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