फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal Government will give 600 bighas land to Indian Army

हिमाचल में सेना को 600 बीघा जमीन देगी सरकार, दशकों से है जमीन विवाद

Sat, 27 Jul 2019 11:12 AM IST
अरविन्द ठाकुर प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 27 Jul 2019 11:12 AM IST
विज्ञापन
Himachal Government will give 600 bighas land to Indian Army
indian army - फोटो : फाइल फोटो

हिमाचल सरकार ने करीब तीन दशकों से सेना के साथ चल रहे जमीन विवाद को सुलझा लिया है। चंडीगढ़ स्थित चंडी मंदिर में पश्चिम कमान की तीन दिन पहले हुई बैठक में सैन्य और राज्य सरकार के अफसरों के बीच प्रदेश के विभिन्न छावनी क्षेत्रों से जुड़े सभी जमीन विवादों पर चर्चा हुई।

विज्ञापन


चर्चा के बाद तय हुआ कि प्रदेश सरकार प्रदेश में अलग-अलग जगह विवाद की वजह बनी जमीनों के बदले सेना को एक ही जगह 600 बीघा जमीन मुहैया करवाएगी। विवाद सुलझने के बाद सेना ने नाहन के कैंट एरिया में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नौ साल से अटकी एक सड़क को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन


करीब तीन दशक पहले नाहन छावनी क्षेत्र में आम लोगों के बसने के बाद टकराव की स्थिति बन गई थी, जो आज तक जस की तस है। जयराम सरकार के गठन के बाद स्थानीय नेताओं ने विवाद सुलझाने के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की, जिसके बाद मुख्य सचिव के निर्देश पर सैनिक कल्याण और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने नाहन विवाद को समझकर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास शुरू किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

तीन दिन पहले चंडीगढ़ में हुई बैठक में सैनिक कल्याण विभाग के सचिव आरएन बत्ता, उप सचिव प्रवीण कुमार टाक, डीसी सिरमौर डॉ. आरके परुथी के अलावा सैनिक कल्याण विभाग के अन्य अधिकारियों ने सेना के अधिकारियों से चर्चा की। चर्चा के बाद इस बात पर दोनों पक्षों में एक राय बनी कि हिमाचल सरकार सेना को पालमपुर, कसौली या योल में एकमुश्त 600 बीघा जमीन देगी, जिसके बदले सेना विवादित क्षेत्रों में अपना क्लेम छोड़ देगी।

सेना की जमीन से कब्जे छुड़ाना सरकार के लिए मुश्किल
सेना के साथ भले ही सरकार विवाद सुलझाने का दावा करे, लेकिन इन जमीनों पर अवैध रूप से बसे लोग सरकार के लिए गले की फांस बने हैं। इस जमीन पर विभिन्न जिलों में अधिकारियों ने कुछ लोगों को मालिकाना हक दे दिया और कुछ ने कब्जा कर लिया। राजनीतिक लाभ के चलते नेताओं ने भी कब्जाधारियों का पक्ष लेना शुरू कर दिया। सरकार अगर उस जमीन को कब्जे में लेती है तो सेना के बजाय अब कब्जाधारकों को लेकर फैसला लेना होगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed