शिक्षा बोर्ड के खिलाफ संघ ने खोला मोर्चा, परीक्षाओं में ड्यूटी नहीं देंगे शिक्षक
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राजकीय अध्यापक संघ ने साल 2018 में होने वाली दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटियां देने से इंकार कर दिया है। मार्च 2017 में दी गई परीक्षा ड्यूटी का पैसा अभी तक शिक्षकों को जारी नहीं होने पर संघ ने यह फैसला लिया है।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव नरेश महाजन ने कहा है कि अगर एक हफ्ते के भीतर बोर्ड प्रबंधन ने परीक्षा ड्यूटी और पेपर चेकिंग का पैसा जारी नहीं किया तो बोर्ड मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और महासचिव नरेश महाजन ने बताया है कि बोर्ड ने मार्च 2017 में संचालित बोर्ड परीक्षाओं में तैनात अध्यापकों व फ्लाइंग स्कवायड में तैनात किए अध्यापकों सहित बाद में अप्रैल माह में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में तैनात किए अध्यापकों को आठ महीने गुजर जाने के बाद भी पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि जब बोर्ड के पास इन परीक्षाओं के संचालन के लिए छात्रों से अग्रिम रूप से बोर्ड फीस के रूप में राशि जमा हो जाती है तो परीक्षाओं के संचालन में तैनात किए अध्यापकों के पारिश्रमिक भुगतान में देरी क्यों की जा रही है।
करेंगे बोर्ड मुख्यालय का घेराव
संघ ने बोर्ड को आगाह किया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अध्यापकों का पारिश्रमिक व यात्रा भत्ता उनके बैंक खातों में जमा नहीं किया तो हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ हजारों अध्यापकों के साथ बोर्ड अध्यक्ष व सचिव कार्यालय में घेराव करेगा।
बोर्ड ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो मार्च 2018 में संचालित बोर्ड परीक्षाओं में अध्यापक ड्यूटी नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अध्यापक बोर्ड के अधीन नहीं हैं ना ही बोर्ड के कर्मचारी हैं। अध्यापक बोर्ड की ड्यूटी देने व न देने को स्वतंत्र हैं।
भविष्य में यदि बोर्ड यात्रा एवं पारिश्रमिक का शत प्रतिशत भुगतान मौके पर नहीं करेगा तो कोई भी शिक्षक बोर्ड का कार्य नहीं करेगा। अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि संघ बोर्ड की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं है।
संघ की बोर्ड के साथ हुई पिछली बैठक में बहुत से मुद्दों पर सहमति बनी थी लेकिन आज तक बोर्ड से कोई सकारात्मक परिणाम प्राप्त नहीं हुआ है। संघ अपनी मांगों को लेकर दिसंबर माह में दोबारा बैठक करेगा।