लोकसभा चुनाव: 40 अफसरों को एक साथ भेजने से हिमाचल सरकार का इनकार
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हिमाचल सरकार ने भारतीय निर्वाचन आयोग को चुनाव ड्यूटी के लिए एक साथ 40 अधिकारियों को भेजने से इनकार कर दिया है। आयोग ने 25 आईएएस और 15 एचएएस अधिकारियों को मांगा है। सरकार ने कहा कि 18 आईएएस और 10 एचएएस अधिकारियों को ही भेजा जा सकेगा।
हिमाचल मेें अधिकारियों की भारी कमी है। 34 अफसर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं जबकि 15 इसी साल सेवानिवृत्त हो जाएंगे। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने चुनाव आयोग के एक पत्र पर जवाबी चिट्ठी में राज्य में आईएएस अधिकारियों की कमी पर स्थिति स्पष्ट की है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि राज्य में आईएएस अधिकारियों की स्वीकृत संख्या 147 है। इनमें से वास्तव में 117 अधिकारी ही नियुक्ति पर हैं।
30 आईएएस अधिकारी केंद्रीय एवं इंटर काडर डेपुटेशन पर हैं, जबकि 15 रिटायर होने वाले हैं। कुछ अधिकारी संवेदनशील पदों पर हैं तो कुछ मंडलायुक्त और डीसी के रूप में तैनात हैं।
आयोग को इन अफसरों के भेेजे नाम
इसी तरह से आयोग ने 15 एचएएस अधिकारियोें को भी मांगा था, मगर हिमाचल सरकार ने केवल 10 ही भेज पाने की बात की। इसमें भी तर्क दिया गया कि कुल 228 की मंजूर संख्या में से केवल 211 अधिकारी ही वास्तव में नियुक्त हैं। इनमें से चार पहले से ही डेपुटेशन पर राज्य से बाहर हैं।
आईएएस अधिकारियों में पूर्णिमा चौहान, संदीप भटनागर, अजय शर्मा, एसएस गुलेरिया, डीडी शर्मा, मदन चौहान, राखिल काहलों, संजीव पठानिया, जेएम पठानिया, हंसराज चौहान, संजीव भटनागर, एनके लट्ठ, गोपाल शर्मा, सुदेश कुमार मोक्टा, सीपी वर्मा, दोरजे छेरिंग नेगी, कल्याण चंद, रघुवीर सिंह वर्मा शामिल हैं।
एचएएस अधिकारियों में नीरज कुमार, डा. अश्वनी कुमार शर्मा, अनुपम कश्यप, राम कुमार गौतम, प्यार चंद अकेला, अश्वनी राज शाह, शुभकरण सिंह, सुमित किमटा, विजय कुमार और संदीप नेगी के नाम भेजे गए हैं।