पूर्व मंत्री खाली नहीं कर रहे कोठियां, अब सरकार उठाएगी ये कदम
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जयराम सरकार के मंत्रियों के सरकारी आवासों का मामला हल नहीं हो रहा है। अब पूर्व मंत्रियों को बंगले खाली करने के नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग से कोठियों के बिजली और पानी के बिलों के भुगतान की जानकारी भी मांगी गई है।
अभी तक पूर्व मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, जीएस बाली, सुधीर शर्मा, ठाकुर कौल सिंह और धनीराम शांडिल ने ही कोठियां खाली की हैं। इन्होंने आवास खाली करने की सूचना भी दे दी है। नियमों के तहत 15 दिन के भीतर मंत्रियों को सरकारी आवास खाली करने थे।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल में जब से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, तब से कमरों और कोठियों की समस्या का हल नहीं हो रहा है। सचिवालय सामान्य प्रशासन और इस्टेट महकमा आवास के चक्कर में बुरा नहीं बनता चाहता। अफसर चाह रहे हैं कि मंत्री और पूर्व मंत्री आपस में बात कर इस मामले को सुलझाएं।
शांडिल बोले, विधायकों को उपलब्ध कराओ आवास
पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि उन्होंने सरकारी कोठी खाली कर सामान निजी आवास में भेज दिया है।
लेकिन व्यवस्था यह होनी चाहिए कि पहले पूर्व मंत्रियों को विधायक वाले आवास अलाट हों ताकि अपना सामान लेकर उन सरकारी आवास में ले जा सकें।
सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग को इस बारे में सूचित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका शिमला में मकान है, लेकिन कई नुमाइंदे ऐसे हैं जिनके पास शिमला में निजी मकान नहीं है। वह अपना सामान कहां लेकर जाएंगे।
विधायकों को आवास उपलब्ध कराना बड़ा मुद्दा नहीं है। कई विधायक हारे हुए हैं, उन्हें आवास खाली करने में समय लग रहा है। जैसे-जैसे आवास खाली हो रहे हैं, वर्तमान विधायकों को उन्हें अलाट किया जा रहा है। - राजीव बिंदल, विधानसभा अध्यक्ष