इन कर्मचारियों को एडवांस वेतन बंद, हर महीने मिलेगी सैलरी, अधिसूचना जारी
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हिमाचल सरकार ने जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को मिलने वाली एकमुश्त एडवांस सैलरी प्रणाली खत्म कर दी है।
6-6 माह के अग्रिम वेतन की बजाय इन क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को अब हर माह वेतन मिलेगा। जनजातीय और दुर्गम क्षेत्र लाहौल-स्पीति, किन्नौर, पांगी, भरमौर आदि में पहले ट्रेजरी और बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ नहीं थी।
अब ऑनलाइन बैंकिंग और ट्रेजरी की ऑनलाइन सुविधा होने की वजह से पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी गई है। वित्त विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
वित्त विभाग के विशेष सचिव और निदेशक डीडी शर्मा की ओर से नई व्यवस्था प्रभावी बनाने के लिए तमाम विभागाध्यक्षों और ट्रेजरी को आदेश जारी कर दिए हैं।
कर्मचारियों को सितंबर 2017 में मार्च 2018 तक का एकमुश्त एडवांस वेतन दिया जा चुका है। लिहाजा, नई व्यवस्था अप्रैल 2018 से प्रभावी होगी।
60 के दशक से दिया जा रहा था एडवांस वेतन
लाहौल-स्पीति में अग्रिम वेतन की व्यवस्था 1960 के दशक से शुरू हुई। तब यह क्षेत्र पंजाब के अधीन था। तत्कालीन उपायुक्त पीएस वैष्णव ने एडवांस वेतन की शुरुआत की थी।
लाहौल के विख्यात इतिहासकार छेरिंग दोरजे बताते हैं कि सर्दियों में बर्फबारी से पहले आम जनता के साथ कर्मचारियों को छह महीने का एकमुश्त राशन, कपड़ा, लकड़ी और अन्य जरूरी सामानों का भंडारण करना होता था जो एक माह के वेतन से संभव नहीं।