शिक्षक पुरस्कार के लिए इन शिक्षकों को मिलेगी तरजीह, सरकार ने बदले नियम
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पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को दिए जाने वाले राज्य स्तरीय पुरस्कारों के चयन के लिए सरकार ने नियम बदल दिए हैं। अब सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को दो के बजाए पांच अंक दिए जाएंगे। स्कूलों में इनरोलमेंट बढ़ाने वाले प्रिंसिपलों को भी चयन में तरजीह दी जाएगी। इस बार नए नियमों से सरकार राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार देने के लिए शिक्षकों का चयन करेगी।
खास बात यह है कि इस बार 24 के स्थान पर 27 शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा। निदेशालय ने कई दिनों के मंथन के बाद मंगलवार को शिक्षक पुरस्कार के नियम तय किए हैं।
नए नियमों में इनको मिलेगी प्राथमिकता
नए नियमों में ऐसे पैट, टीजीटी, लेक्चर, पीजीटी और प्रिंसिपलों को चयन में प्राथमिकता दी जाएगी। जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। जिन शिक्षकों के बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ते हैं, उन्हें दो की जगह पांच अंक दिए जाएंगे।
जिनके बच्चे छठी से आठवीं तक पढ़ते हैं, उन्हें तीन की जगह चार अंक मिलेंगे। इसी तरह 9वीं और दसवीं के लिए तीन अंक और जमा एक और जमा दो के लिए दो अंक दिए जाएंगे।
इस श्रेणी में अधिकतम पांच अंक दिए जाएंगे। प्रारंभिक स्तर पर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या घटने पर सरकार ने नियमों में बदलाव किया है। इसके अलावा जिन स्कूलों में पांच से दस फीसदी तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है।
वहां के प्रिंसिपलों को एक की जगह दो अंक, 11 से 25 फीसदी तक संख्या बढ़ने पर दो की जगह तीन अंक और 25 फीसदी से ज्यादा इनरोलमेंट बढ़ाने पर तीन की जगह पांच अंक दिए जाएंगे।
शिक्षकों को इस आधार पर मिलेंगे अंक
स्कूली विद्यार्थियों की खेलकूद व सह पाठ्यक्रम की गतिविधियों के आधार पर भी शिक्षकों को अंक दिए जाएंगे। इसके अलावा जिन शिक्षकों की शैक्षणिक मूल्यों पर आधारित पुस्तकें प्रकाशित होंगी उन्हें भी तीन की जगह पांच अंक दिए जाएंगे।
टीजीटी वर्ग से तीनों संकायों मेडिकल, नॉन मेडिकल और आर्ट्स के शिक्षकों को भी इस बार पुरस्कार दिए जाएंगे। आवेदन करने वाले शिक्षकों के दस्तावेजों की अब निदेशालय स्तर पर छंटनी नहीं की जाएगी।
शिक्षकों से शपथपत्र लिया जाएगा कि उसके द्वारा जमा करवाए गए सभी दस्तावेज सही हैं। अगर कोई भी दस्तावेज गलत पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
नेशनल अवार्ड के लिए बदले नियम
राष्ट्र स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन करने के भी हिमाचल सरकार ने नियम बदल दिए हैं। अब कोई भी शिक्षक नेशनल अवार्ड के लिए आवेदन कर सकता है।
पूर्व में नेशनल अवार्ड के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार विजेता ही आवेदन करने के लिए अधिकृत थे। राज्य स्तरीय पुरस्कार मिलने के बाद दो साल नेशनल अवार्ड के लिए आवेदन करने की शर्त को प्रदेश सरकार ने समाप्त कर दिया है।
दुर्गम क्षेत्रों के लिए घटाई स्कूल से घर की दूरी
प्रदेश के दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों के शिक्षकों को प्रोत्साहित करने लिए सरकार ने शिक्षकों के घरों से स्कूल की दूरी को 15 किलोमीटर से घटाकर 10 किलोमीटर कर दिया गया है।
पहले 15 किलोमीटर की दूरी वाले शिक्षक ही आवेदन कर सकते थे। उधर, दूरदराज और दुर्गम क्षेत्र के शिक्षकों को सरकार ने चयन के दौरान एक अंक अतिरिक्त देने का फैसला भी लिया है।