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Himachal: हिमाचल को मिले 162 नए डॉक्टर, ग्रामीण और दुर्गम स्वास्थ्य संस्थानों में होगी तैनाती
Thu, 02 Jul 2026 11:02 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 02 Jul 2026 11:02 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिफारिश पर चयनित अभ्यर्थियों को जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर के रूप में नियुक्त करने संबंधी अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग ने जारी कर दी है।
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डाॅक्टर(प्रतीकात्मक)।
- फोटो : Freepik
विस्तार
प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हिमाचल सरकार ने 162 नए मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और क्षेत्रीय अस्पतालों में इन चिकित्सकों की तैनाती तत्काल प्रभाव से की जाएगी। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिफारिश पर चयनित अभ्यर्थियों को जॉब ट्रेनी मेडिकल ऑफिसर के रूप में नियुक्त करने संबंधी अधिसूचना स्वास्थ्य विभाग ने जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार सभी चयनित डॉक्टर दो वर्ष तक ट्रेनी के रूप में सेवाएं देंगे। इस अवधि में उन्हें प्रतिमाह 34 हजार रुपये का मानदेय मिलेगा।
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नियुक्ति प्रारंभिक तौर पर एक वर्ष के लिए होगी, जिसे निर्धारित शर्तों और संतोषजनक कार्य के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जॉब ट्रेनी डॉक्टरों को नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतनमान, महंगाई भत्ता, पेंशन, एलटीसी, मेडिकल रिइम्बर्समेंट और अन्य सेवा लाभ नहीं मिलेंगे। हालांकि सरकारी कार्य के दौरान यात्रा करने पर नियमानुसार टीए-डीए मिलेगा। इसके अलावा वे हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सा सुविधा के पात्र होंगे। प्रत्येक माह सेवा पूर्ण होने पर दो दिन का आकस्मिक अवकाश, वर्ष में 10 दिन का मेडिकल अवकाश और पांच दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा। महिला डॉक्टरों को नियमानुसार 180 दिन का मातृत्व अवकाश तथा गर्भपात की स्थिति में 45 दिन का अवकाश मिलेगा।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि दो वर्ष का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद विभाग द्वारा आयोजित क्वालिफाइंग अथवा दक्षता परीक्षा पास करने पर ही डॉक्टरों के नियमितीकरण पर विचार किया जाएगा। परीक्षा में असफल रहने वाले चिकित्सकों को नियमित वेतनमान का लाभ नहीं मिलेगा। सेवा शर्तों के तहत अनुशासनहीनता, कार्य में लापरवाही या अयोग्यता साबित होने पर ट्रेनी डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं। वहीं स्वेच्छा से इस्तीफा देने के लिए एक माह पूर्व नोटिस देना अनिवार्य होगा। यदि किसी प्रकार का सेवा बांड लागू होगा तो उसकी शर्तों का पालन भी करना होगा। सभी नियुक्तियां चरित्र एवं दस्तावेज सत्यापन के बाद ही अंतिम रूप से प्रभावी मानी जाएंगी।
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