खास सौगात देने जा रही है सरकार, ऑनलाइन होंगे 1953-2007 तक के गजट
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हिमाचल की जयराम सरकार आम लोगों को खास सौगात देने जा रही है। वर्ष 1953 से लेकर अब तक के प्रदेश सरकार के गजट का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। हिमाचल सरकार ने इस काम को करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) हिमाचल को दी है। एनआईसी ने सचिवालय लाइब्रेरी के साथ मिलकर इस काम को शुरू भी कर दिया है। जल्द ही प्रदेश की हर गजट अधिसूचना को कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन देख सकेगा।
साल 2007 में सरकार ने एनआईसी की मदद से गजट अधिसूचना को पेपरलेस कर दिया। देश में हिमाचल पहला राज्य था, जहां हर अधिसूचना ऑनलाइन कोई भी व्यक्ति देख सकता था। इसके बाद से अब तक हर अधिसूचना ई-गजट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लोगों के लिए मुहैया कराई जा रही है, लेकिन 2007 से पहले की अधिसूचना के लिए आज भी सरकारी तंत्र से लेकर आम लोगों को सचिवालय लाइब्रेरी के चक्कर काटने पड़ते हैं।
लाइब्रेरी में रखी हार्ड कॉपी को अब किया जाएगा सार्वजनिक
दरअसल, देश के आजाद होने के बाद जब 1953 में हिमाचल प्रदेश पार्ट सी राज्य बना, तब से 2007 में गजट ऑनलाइन होने से पहले तक की हर गजट अधिसूचना को सचिवालय लाइब्रेरी ने सहेजकर रखा है। अब इसी धरोहर को प्रदेश सरकार एनआईसी और लाइब्रेरी के साथ मिलकर ऑनलाइन करने की कवायद में जुटा है।
एनआईसी इन पुराने गजट को इस तरह पीडीएफ फाइल बना रहा है, ताकि इसे ऑनलाइन किया जा सके। खास बात यह है कि पुराने गजट में कोई भी व्यक्ति एक शब्द को लिखकर भी उससे जुड़ी सूचना तलाश सकता है। वर्तमान गजट में भी इस नए फीचर को जोड़ने पर काम किया जा रहा है। पुराने गजट के ऑनलाइन होने के बाद लोगों को पुरानी गजट अधिसूचना के लिए सचिवालय के चक्कर नहीं काटने पड़ा करेंगे।