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हिमाचल वित्त निगम होगा बंद, एसआईडीसी में जाएंगे कर्मचारी

Thu, 25 Jul 2019 10:33 AM IST
Krishan Singh धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 25 Jul 2019 10:33 AM IST
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Himachal Finance Corporation will close and employees will be shifted to sidc

हिमाचल सरकार ने उद्योगों को कर्जा देने के लिए बनाए प्रदेश वित्त निगम (एचपीएफसी) को बंद करने की तैयारी कर ली है। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने इसकी संपत्तियों, कर्मचारियों का राज्य औद्योगिक  विकास निगम (एचपीएसआईडीसी) में विलय करने को तकनीकी रिपोर्ट मांग ली है। इसके बंद किए जाने का कारणयह है कि जिस उद्देश्य से वित्त निगम स्थापित किया था, अब यह उसे पूरा नहीं कर रहा है।

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दूसरा, उद्योगपतियों ने कारोबार चलाने के लिए जो ऋण लिया था, वह भी इसे वापस नहीं कर रहे हैं। निगम के डिफाल्टरों के पास 132.62 करोड़ रुपये फंस गए हैं, जिनकी वापसी मुश्किल है। वित्त निगम ने 543.40 करोड़ रुपये के कर्ज अब तक दे रखे हैं। हालांकि, लोन देने से पहले निगम ने उद्योगपतियों की संपत्ति गिरवी रखी थी, लेकिन संपत्ति की कीमत ऋण से कहीं कम है या फिर मुकदमेबाजी शुरू हो हो गई है।

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4521 लोगों को दिया कर्जा

ऐसे में निदेशक मंडल ने निगम को एचपीएसआईडीसी में विलय करने का विचार किया है। बुधवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई निगम की 52वीं बैठक में इसका खुलासा हुआ है। राशि रिकवर न होने पर वर्ष 2018-19 में वित्त निगम ने लोगों का कोई भी ऋण मंजूर नहीं किया।

वित्त निगम की स्थापना छोटे और मध्यम औद्योगिक इकाइयों को कर्ज देने के लिए की थी। मुख्य सचिव बीके  अग्रवाल ने बताया कि निगम को बंद कर कर्मचारियों और संपत्ति के विलय की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

वित्त निगम अलग एक्ट तो एपीएसआईडीसी अलग कानून के तहत स्थापित है। इसीलिए तकनीकी रिपोर्ट मांगी है।  वित्त निगम 1998-99 से घाटा उठा रहा है। निगम को सरकार से भी हिस्सेदारी सहयोग मिलना बंद हो गया है।

वित्त निगम ने राज्य के 4,521 लोगों को ऋण दे रखा है। निगम बंद करने की प्रक्रिया शुरू करने का कारण मुख्य कारण कई संस्थाओं से सहयोग न मिलना भी है। एलआईसी, एचआरटीसी, कई बैंकों आदि की इसमें हिस्सेदारी है। 

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