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नहीं मिले दाम, सड़कों पर फेंक दिए टमाटर

Tue, 01 Jul 2014 01:10 PM IST
Updated Tue, 01 Jul 2014 01:10 PM IST
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Himachal farmers anguished after bumper tomato crop yields no profit

बल्हघाटी में इस बार टमाटर की बंपर पैदावार के चलते मंडियों में रेट सही न मिलने से किसानों के सामने टमाटर सड़क किनारे फेंकने की नौबत आ गई है। वहीं टमाटर खेतों में सड़ कर खराब होने लगा है।

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सैकड़ों बीघा भूमि पर टमाटर की पैदावार करने वाले किसानों को इस बार बीज, दवाईयों व अन्य खर्चा करना मुश्किल हो गया है। टमाटर के दाम में आई भारी गिरावट से किसानों को 22 किलोग्राम के एक क्रेट के मात्र 40 रुपये मिल रहे हैं। इसके बावजूद भी टमाटर के खरीददार नहीं मिल रहे हैं।

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सड़क किनारे फेंक दी फसल

Himachal farmers anguished after bumper tomato crop yields no profit

बल्ह घाटी के राजगढ़, स्टोह, बैहना, छात्र, छातड़ू, डडौर क्षेत्र के किसानों ने कई बीघा भूमि पर टमाटर की फसल लगा रखी है। इस बार टमाटर की बंपर पैदावार होने से किसानों को सही दाम नहीं मिल रहे हैं। आर्थिक नुकसान को देखते हुए किसान काफी चिंतित हैं। उचित मूल्य न मिलने के कारण किसानों ने अब टमाटर को सड़क किनारे फेंकना शुरू कर दिया है।

साथ ही टमाटर के पौधे भी उखाड़ने शुरू कर दिए हैं। राजगढ़ के किसान संजू वर्मा, दया राम वर्मा, लेख राम, नंद लाल, भीम सिंह, नेक राम, चमन, ओम चंद, चुनी लाल, ललित ठाकुर, देवेंद्र पाल शर्मा, मुकेश सैणी, पुष्पराज, राकेश शर्मा, डोला राम, बेसतू राम, परमदेव ने बताया कि 22 किलोग्राम के एक क्रेट के दाम 40 रुपये तक मिल रहे हैं। जिससे बीज, दवाईयों, लेबर व ढुलाई भाड़ा भी पूरा नहीं हो रहा है।

खेतों में सड़ रही पैदावार

Himachal farmers anguished after bumper tomato crop yields no profit

किसानों का कहना है कि टमाटर को सड़कों पर फेंकना ही अच्छा है। खरीददार न मिलने से टमाटर खेतों में सड़ने की नौबत आ गई है। किसानों का कहना है कि बैंकों से लोन लेकर टमाटर की पैदावार की थी। लेकिन सही दाम न मिलने से बैंकों का कर्ज चुकना मुश्किल हो गया।

दया राम वर्मा ने बताया कि पांच हजार रुपये प्रति बीघा दवाईयों का छिड़काव करने के लिए खर्च किया। अब टमाटर के दाम एक से दो रुपये प्रति किलो तक मिल रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर सरकार जल्द ही सही रेट के बारे में कोई कदम नहीं उठाती है तो किसान आत्महत्या करने के मजबूर हो जाएंगे।

दिल्ली से आए टमाटर के व्यापारी शाकीर, होशियापुर के राकेश व पंजाब के आरपी सिंह का कहना है कि टमाटर की डिमांड कम होने से लाखों का घाटा पहले ही हो चुका है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा की मंडियों में टमाटर का भाव काफी कम हैं। किसान सभा के परसराम ने प्रदेश सरकार से टमाटर का समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की है।

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